राज्यपाल रमेन डेका ने रेत के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित खनन पर दिया जोर
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के दिए निर्देश, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता बताई
रायपुर ACGN:- राज्यपाल श्री रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ की नदियों एवं बड़े नालों में रेत खनन की गतिविधियों को वैज्ञानिक, संतुलित एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि रेत राज्य के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, इसलिए इसके उपयोग और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

लोक भवन में आयोजित बैठक के दौरान राज्यपाल श्री डेका ने खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद से रेत खनन की वर्तमान स्थिति एवं निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेत खनन निर्धारित नियमों एवं वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि विकास कार्यों की आवश्यकताएं पूरी होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यपाल ने कहा कि नदियों और बड़े नालों की प्राकृतिक संरचना, जलधारण क्षमता तथा स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अनियोजित एवं अनियंत्रित खनन गतिविधियों से नदी तटों का क्षरण, भू-जल स्तर में गिरावट तथा पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए खनन कार्यों की नियमित निगरानी और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने राज्य में ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली तथा खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से किए जा रहे मॉनिटरिंग कार्यों की जानकारी प्राप्त की और इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग खनन गतिविधियों की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राज्यपाल श्री डेका ने नदियों एवं अन्य जल स्रोतों की क्षमता बढ़ाने तथा भू-जल संरक्षण के लिए दीर्घकालिक एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि रेत खनन से संबंधित क्षेत्रों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए, जिससे खनन गतिविधियों के प्रभावों का सही आकलन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे प्रतिष्ठित विशेषज्ञ संस्थानों से सर्वेक्षण एवं तकनीकी अध्ययन कराया जा सकता है। इससे वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर बेहतर नीति निर्माण और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन में सहायता मिलेगी।
राज्यपाल ने कहा कि रेत जैसे खनिज संसाधनों का उपयोग राज्य के विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर ही सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर। जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
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