नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , ओडिशा में राजनीतिक हलचल तेज, निगम–बोर्ड नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार पर बढ़ी अनिश्चितता – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

ओडिशा में राजनीतिक हलचल तेज, निगम–बोर्ड नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार पर बढ़ी अनिश्चितता

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

भुवनेश्वर / ओडिशा

By ACGN 7647981711, 9303948009

संवाददाता:- ओड़िशा ब्यूरो

खर्च कटौती और तेल संकट को वजह बताकर फैसले टलने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी, संगठन में असंतोष की चर्चा तेज

ओड़िशा ACGN:- ओडिशा की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले विभिन्न निगमों और बोर्डों में नियुक्तियों तथा संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार सरकार द्वारा तेल संकट और आर्थिक दबाव का हवाला देते हुए खर्च में कटौती की नीति अपनाई जा रही है, जिसके चलते नियुक्ति प्रक्रिया फिलहाल ठप पड़ गई है।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से संगठन और पार्टी कार्यकर्ता पद एवं जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन लगातार टलते फैसलों से उनमें निराशा और नाराजगी बढ़ती जा रही है। सरकार गठन के करीब दो वर्ष पूरे होने के बावजूद अब तक निगम–बोर्डों में नियुक्तियां नहीं होने से अंदरूनी असंतोष की स्थिति बनती दिख रही है।
सूत्रों के अनुसार पहले यह कहा गया था कि विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी परिस्थितियों के कारण नियुक्तियां टाली गईं, बाद में अलग-अलग कारणों का हवाला दिया जाता रहा। अब एक बार फिर आर्थिक कारणों और खर्च नियंत्रण को आधार बनाकर निर्णय आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे कार्यकर्ताओं में यह सवाल उठने लगा है कि क्या संगठनात्मक संतुलन और जमीनी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि कई बार नियुक्तियों को लेकर अलग-अलग समयसीमा और संकेत दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। वहीं दूसरी ओर कुछ नेताओं का मानना है कि सरकार पर वित्तीय दबाव के चलते अतिरिक्त खर्च बढ़ाने वाली नियुक्तियों को फिलहाल टालना प्रशासनिक निर्णय का हिस्सा हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि लंबे समय तक नियुक्तियां और संगठनात्मक समायोजन नहीं होता है तो इसका असर आगामी पंचायत और स्थानीय चुनावों पर भी पड़ सकता है। वहीं कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ने की स्थिति को संगठन के लिए चुनौती माना जा रहा है।
इधर केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका और संभावित बदलावों को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं, हालांकि इन पर आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या ओडिशा सरकार संगठनात्मक असंतोष और बढ़ते दबाव के बीच जल्द कोई बड़ा फैसला लेगी या फिर नियुक्तियों की यह अनिश्चितता आने वाले चुनावी समीकरणों को और प्रभावित करेगी?
क्या वाकई आर्थिक संकट के नाम पर कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को लंबा इंतजार कराया जा रहा है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक रणनीतिक बदलाव छिपा है?

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now