ज्ञान भारतम् मिशन के तहत मिली 136 वर्ष पुरानी श्रीमद्भागवत महापुराण की दुर्लभ धरोहर
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर / छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- अनादि पांडेय
तिल्दा के ग्राम निनवा में संरक्षित मिलीं प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियाँ, सनातन संस्कृति संरक्षण की अनूठी पहल
रायपुर ACGN:- प्रधानमंत्री Narendra Modi की संकल्पना और मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के आह्वान पर संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत रायपुर जिले में प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सुरक्षित संरक्षित करना है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले की ऐतिहासिक धरोहरों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञान भारतम् पोर्टल में अपलोड किया जा रहा है। इसी क्रम में तिल्दा विकासखंड के ग्राम निनवा निवासी प्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित नंदकुमार शर्मा के निवास से सनातन धर्म से जुड़ी अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरों का अवलोकन किया गया।

इस दौरान लगभग 136 वर्ष प्राचीन श्रीमद्भागवत महापुराण सहित कई महत्वपूर्ण हस्तलिखित धार्मिक पांडुलिपियाँ प्राप्त हुईं। जानकारी के अनुसार पंडित नंदकुमार शर्मा द्वारा इन धरोहरों को वर्षों से अत्यंत श्रद्धा, सावधानी और समर्पण के साथ सुरक्षित रखा गया था। इनमें लगभग 100 वर्ष पुराने हस्तलिखित भजन और फाग गीतों की पांडुलिपियाँ भी शामिल हैं, जिन्हें तत्कालीन धार्मिक, सांस्कृतिक और लोक परंपराओं की अमूल्य धरोहर माना जा रहा है।
पंडित नंदकुमार शर्मा ने बताया कि ये धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत उन्हें अपने पूर्वजों से प्राप्त हुई थीं, जिन्हें उन्होंने सनातन धर्म के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सहेजकर रखा। क्षेत्र में उनके इस प्रयास को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है।
इस अवसर पर जनपद पंचायत तिल्दा के कार्यपालन अधिकारी श्री रवि कुमार भी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






