डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी, अंतर्राज्यीय गिरोह के 2 आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
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बिलासपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647 9817119303 948009
रेंज साइबर थाना बिलासपुर की बड़ी कार्रवाई, महिला को पुलिस-ईडी-आरबीआई का भय दिखाकर की गई थी ऑनलाइन ठगी
बिलासपुर, 09 मई 2026। रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया है। आरोपियों ने एक महिला को पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का डर दिखाकर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी।
प्रकरण में रेंज साइबर थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत धारा 318(4), 308(6), 3(5) बीएनएस एवं 66C, 66D आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी माता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर स्वयं को “संजय PSI” बताने वाले व्यक्ति ने संपर्क किया। आरोपियों ने महिला को बताया कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।
इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से महिला को कई घंटों तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया। आरोपियों ने लगातार पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नाम का भय दिखाते हुए महिला पर मानसिक दबाव बनाया। साथ ही धमकी दी गई कि यदि उन्होंने परिवार के किसी सदस्य से संपर्क किया तो उनके बेटे और अन्य परिजनों को भी मामले में फंसा दिया जाएगा।
आरोपियों ने महिला को फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट आदेश और आरबीआई नोटिस भेजकर विश्वास दिलाया कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है। भय और मानसिक प्रताड़ना के कारण महिला आरोपियों के झांसे में आ गई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने महिला से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। इसके बाद भी केस समाप्त करने के नाम पर अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। जब पीड़िता ने अपने पुत्र को पूरी जानकारी दी, तब मामला उजागर हुआ और तत्काल साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई।

प्रकरण दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि ठगी की रकम कई लेयर बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में रूपेन्द्र सिंह (21 वर्ष) निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू (राजस्थान) तथा विशाल सिंह (20 वर्ष) निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू (राजस्थान) शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे तथा ठगी की रकम निकालकर अन्य व्यक्तियों तक पहुंचाई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस ने बताया कि साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की विस्तृत जांच जारी है। पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक श्री गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी श्री गगन कुमार के निर्देशन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम द्वारा की गई।
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