ऑपरेशन तलाश में छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता, 4 हजार से ज्यादा गुमशुदा लोगों को परिवारों से मिलाया
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता अनादि पांडेय
संवेदनशील पुलिसिंग और तकनीकी समन्वय से पांच वर्षों में 87 हजार से अधिक लोगों की हुई बरामदगी
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ में गुमशुदा लोगों की तलाश अब केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग और मानवीय जिम्मेदारी का बड़ा उदाहरण बन चुकी है। राज्य में वर्ष 2021 से अप्रैल 2026 तक कुल 1 लाख 3 हजार 766 गुम इंसानों की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनमें से 87 हजार 35 लोगों को छत्तीसगढ़ पुलिस ने सुरक्षित खोजकर उनके परिवारों तक पहुंचाया है। पुलिस की इस पहल से हजारों परिवारों के चेहरे पर फिर मुस्कान लौट आई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्यभर में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। “ऑपरेशन तलाश” और “ऑपरेशन मुस्कान” के जरिए पुलिस ने अब तक 2 हजार 785 बालक, 16 हजार 472 बालिकाएं, 18 हजार 671 पुरुष और 49 हजार 107 महिलाओं को बरामद किया है। इन आंकड़ों ने यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
राजधानी रायपुर सहित अविभाजित जिले में भी पुलिस की सक्रियता प्रभावी रही। यहां गुम नाबालिगों, महिलाओं और पुरुषों से जुड़े 15 हजार 632 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 12 हजार 456 लोगों को खोज निकाला गया। पुलिस द्वारा लंबित मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है और जिला स्तर पर विशेष टीमें बनाकर अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकांश लोग प्रेम संबंध, रोजगार की तलाश, परिजनों की डांट या घूमने जाने जैसी वजहों से घर छोड़कर चले गए थे। अब तक मानव तस्करी जैसे किसी बड़े संगठित अपराध की पुष्टि नहीं हुई है।
अप्रैल 2026 में चलाए गए विशेष “ऑपरेशन तलाश” अभियान के दौरान केवल एक माह में 4 हजार 56 गुमशुदा लोगों को खोज निकाला गया। इनमें 75 बालक, 470 बालिकाएं, 972 पुरुष और 2539 महिलाएं शामिल हैं। सभी को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनके परिवारों से मिलाया गया।
अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय समन्वय का भी बेहतर उपयोग किया। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से कुल 182 गुमशुदा लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया। इनमें बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल रहे।
जिला स्तर पर भी पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली। दुर्ग जिले में सबसे अधिक 683 लोगों की बरामदगी हुई, जबकि बिलासपुर में 648, रायपुर में 426, राजनांदगांव में 280, रायगढ़ में 251 और महासमुंद में 183 लोगों को खोजा गया। इसके अलावा बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, सरगुजा और बालोद जिलों में भी बड़ी संख्या में गुमशुदा लोगों को खोजकर परिवारों से मिलाया गया।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य में “अभिव्यक्ति” जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में पुलिस टीम पहुंचकर मानव तस्करी, साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, नए कानून और आत्मरक्षा संबंधी जानकारी दे रही है।
छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि हर गुमशुदा व्यक्ति की बरामदगी किसी परिवार की पीड़ा और चिंता का अंत होती है। यही वजह है कि पुलिस इसे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि मानवीय दायित्व मानकर कार्य कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति, खासकर महिला, बच्चे या बुजुर्ग के गुम होने की सूचना तत्काल नजदीकी थाना, डायल 112 या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते सुरक्षित तलाश सुनिश्चित की जा सके।
प्रदीप मिश्रा
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