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सुशासन की मोटरसाइकिल से दुर्गम पहाड़ों तक पहुंचे कलेक्टर-एसपी

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सुकमा छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009


गोंडेरास और नीलावाया में इमली के पेड़ के नीचे लगी चौपाल, ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान

सुकमा ACGN:- छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत अब प्रशासनिक व्यवस्था केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सुदूर वनांचल और पहुंचविहीन इलाकों तक सीधे पहुंच रही है। इसी कड़ी में सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशील प्रशासन की नई मिसाल पेश करते हुए दुर्गम पहाड़ी रास्तों को पार कर ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मांगों का मौके पर ही निराकरण किया।


सुकमा कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बुधवार को किसी प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना खुद मोटरसाइकिल चलाकर करीब 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को पार किया और पहुंचविहीन ग्राम गोंडेरास तथा नीलावाया पहुंचे। अधिकारियों का यह दौरा ग्रामीणों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक बन गया।


ग्राम गोंडेरास में कलेक्टर और एसपी ने किसी मंच या कार्यालय के बजाय इमली के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने सोलर प्लेट खराब होने की समस्या बताई, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल क्रेडा विभाग को सभी घरों में मरम्मत कराने के निर्देश दिए। गांव में आंगनबाड़ी भवन और पंचायत भवन निर्माण के लिए 70 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई, जिसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी गई है।
सुशासन शिविर के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी मौके पर दिया गया। शिविर में 17 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 जाति प्रमाण पत्र, 11 पीएम किसान प्रकरणों का निराकरण, 2 किसान किताब और 2 पटवारी प्रतिवेदन सहित कई दस्तावेज ग्रामीणों को तत्काल वितरित किए गए।


इसके बाद ग्राम नीलावाया में अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आया और 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को लेकर सचिव को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।
शिविर के दौरान 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाकर तत्काल ग्रामीणों को सौंपे गए। अधिकारियों की इस पहल से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि शासन का लक्ष्य “नियद नेल्ला नार” योजना के माध्यम से हर घर तक बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाकर कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाई जा रही है।
गांव के सरपंच जोगा वंजामी ने अधिकारियों के दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार कोई कलेक्टर मोटरसाइकिल से उनके गांव तक पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में विश्वास जगा है कि अब उनकी समस्याएं अनसुनी नहीं रहेंगी।

प्रदीप मिश्रा
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