हत्या मामलों की विवेचना में अब ‘स्मार्ट पुलिसिंग’, दोषसिद्धि बढ़ाने पर फोकस
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
आईजी रामगोपाल गर्ग ने अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण, वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच के सख्त निर्देश
बिलासपुर रेंज में हत्या जैसे गंभीर मामलों की विवेचना को और अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने इस दौरान अधिकारियों को नई कार्यप्रणाली और दिशा-निर्देशों से अवगत कराते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उसे ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से सजा दिलाना होना चाहिए।
इस प्रशिक्षण में एएसपी से लेकर उपनिरीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हुए, जिन्हें हत्या के मामलों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के लिए ‘स्मार्ट विवेचना’ की विस्तृत कार्ययोजना समझाई गई। नई व्यवस्था के तहत अब हर मामले में 124 बिंदुओं की चेकलिस्ट का पालन अनिवार्य किया गया है, जिससे जांच में किसी प्रकार की त्रुटि न हो और तकनीकी खामियों का लाभ आरोपियों को न मिल सके।

आईजी ने निर्देश दिए कि घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाए और ‘गोल्डन ऑवर’ का विशेष ध्यान रखते हुए साक्ष्य संकलन किया जाए। फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मौजूदगी में ही जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही बिना दस्ताने साक्ष्यों को छूने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
नई व्यवस्था में डिजिटल और साइबर फॉरेंसिक को भी अहम स्थान दिया गया है। अब आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट, इंटरनेट हिस्ट्री और मोबाइल डेटा की गहन जांच की जाएगी, वहीं सीसीटीवी फुटेज को तकनीकी प्रमाण के साथ केस डायरी में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा डीएनए और जैविक साक्ष्यों को प्राथमिकता देकर घटनास्थल पर आरोपी की उपस्थिति को वैज्ञानिक तरीके से सिद्ध करने पर जोर दिया गया है।

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि अब संवेदनशील मामलों में रात्रिकालीन पोस्टमार्टम और उसकी वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। साथ ही साक्ष्यों की ‘चेन ऑफ कस्टडी’ को पूरी पारदर्शिता के साथ दर्ज किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर छेड़छाड़ की संभावना समाप्त हो सके।
आईजी ने निर्देश दिए कि अप्रैल 2026 के बाद दर्ज होने वाले सभी हत्या प्रकरणों में इन नए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस अब आधुनिक तकनीकों और पेशेवर दृष्टिकोण के साथ काम करते हुए अपराधियों को सख्त सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस प्रशिक्षण सत्र में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल सहित रेंज के सभी जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। आईजी रामगोपाल गर्ग ने स्वयं प्रशिक्षक के रूप में अधिकारियों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया और बताया कि ऐसे प्रशिक्षण सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






