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8 एमएम का दावा, मौके पर निकला 6 एमएम सरिया! कलेक्टर ने मंगाई सीढ़ी, नापते ही खुली पोल

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कोरबा छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009


डीएमएफ निर्माण में गड़बड़ी पर कलेक्टर की सख्ती

डीएमएफ के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता देख भड़के कलेक्टर कुणाल दुदावत – सब इंजीनियर को निलंबित करने, पंचनामा और एफआईआर के निर्देश


कोरबा ACGN:- खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए खर्च की जा रही डीएमएफ की राशि के निर्माण कार्यों में यदि गुणवत्ता से खिलवाड़ होगा तो जिम्मेदारों की खैर नहीं, कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने रविवार को अपने निरीक्षण के दौरान इसका स्पष्ट संदेश दे दिया।
कटघोरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत जेन्जरा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते समय कलेक्टर को भवन में लगाए जा रहे सरिया के माप पर संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल सीढ़ी मंगवाई और मौके पर ही सरिया की माप कराने के निर्देश दिए।


बताया गया था कि निर्माण में 8 एमएम का सरिया लगाया गया है, लेकिन मौके पर जांच में कई स्थानों पर 8 एमएम के स्थान पर 6 एमएम सरिया पाया गया। माप सामने आते ही कलेक्टर ने नाराजगी जताई और मामले में पंचनामा तैयार कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिम्मेदार सब इंजीनियर रामकुमार पोर्ते को निलंबित करने के निर्देश भी दिए।



यह मामला केवल सरिया के आकार का नहीं, बल्कि सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी पर भी सवाल खड़ा करता है। आखिर जिस निर्माण में निर्धारित मापदंड के अनुसार 8 एमएम सरिया लगाया जाना था, वहां 6 एमएम सरिया कैसे पहुंच गया?
क्या निर्माण स्थल पर नियमित निरीक्षण नहीं हुआ?
क्या गुणवत्ता की जांच केवल कागजों तक सीमित थी?
इन सवालों का जवाब अब जांच और आगे की कार्रवाई से सामने आएगा।


    स्कूल भवन में टाइल्स भी मापदंड पर खरी नहीं उतरीं
जेन्जरा में ही निर्माणाधीन स्कूल भवन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने फर्श पर लगाए जा रहे टाइल्स की गुणवत्ता और निर्धारित मापदंड की जांच कराई। टाइल्स मापदंड के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास के लिए है। इस राशि से होने वाले निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


         पीडीएस भवन की नीची प्लिंथ पर भी फटकार
ग्राम पंचायत सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन के निरीक्षण के दौरान भवन की प्लिंथ जमीन के स्तर से काफी नीचे पाए जाने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कटघोरा स्कूल अक्टूबर तक पूरा करने की डेडलाइन
कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग की निर्माण एजेंसी द्वारा कराए जा रहे भवन निर्माण में देरी पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाकर अक्टूबर माह तक भवन पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ग्राम जेन्जरा के जर्जर आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर उसकी स्थिति की जानकारी भी ली।
          फाइलें रोकने वालों पर भी कार्रवाई के संकेत
कलेक्टर ने जनपद पंचायत में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र अनावश्यक रूप से लंबित रखने से भुगतान प्रभावित होता है और नए विकास कार्यों में भी देरी होती है।
उन्होंने जनपद पंचायत कटघोरा के सीईओ को कर्मचारियों के कार्यों की जांच करने और बिना कारण फाइलें रोककर रखने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
जेन्जरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र पर समय पर कार्रवाई नहीं होने के मामले में संबंधित बाबू का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
डीएमएफ की राशि जनता की है, गुणवत्ता से खिलवाड़ क्यों?
कलेक्टर की कार्रवाई ने एक महत्वपूर्ण सवाल भी सामने रखा है खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाली राशि यदि निर्माण कार्यों में खर्च हो रही है, तो उसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है?


सरकारी भवन की दीवारें कमजोर हों, स्कूल का निर्माण घटिया हो या आंगनबाड़ी भवन में निर्धारित सामग्री की जगह कम गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल हो इसका नुकसान आखिर आम जनता को ही उठाना पड़ता है।
इसलिए कलेक्टर का मौके पर पहुंचकर सीढ़ी मंगवाकर सरिया नपवाना सिर्फ एक निर्माण स्थल की जांच नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए चेतावनी है जो सरकारी निर्माण में गुणवत्ता के साथ समझौता करने की कोशिश करते हैं।
सरकारी पैसा जनता का है और जनता के पैसे से बनने वाली इमारत भी जनता के भरोसे की इमारत है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा शासकीय राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

प्रदीप मिश्रा
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