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सच की तह तक

लाफा में शराब का खेल, स्कूल चौक भी नहीं बचा! ग्रामीण महिलाओं ने जनदर्शन में की शिकायत

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कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009



50 से अधिक महिलाएं पहुंचीं कलेक्टर जनदर्शन, कथित अवैध शराब बिक्री पर रोक की मांग; नशे की गिरफ्त में युवा, परिवार और महिलाएं परेशान


कोरबा ACGN:- कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत लाफा में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश अब कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंच गया है। 50 से अधिक महिलाएं प्रशासन के सामने पहुंचीं और गांव में शराब बिक्री तथा कच्ची शराब निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोई अधिकृत शराब दुकान नहीं है, इसके बावजूद गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों में शराब आसानी से मिलने की शिकायत है। यहां तक कि स्कूल चौक और उसके आसपास भी शराब बिक्री का आरोप लगाया गया है। जिससे स्कूली छात्र छात्राएं के साथ आसामाजिक तत्वों द्वारा नशे में अभद्र  टिप्पणी की जाती है और स्कूली छात्राएं अपने आप को असुरक्षित और असहज महसूस करती हैं


ग्रामीणों के अनुसार शराब का असर अब केवल शराब पीने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर परिवार, महिलाओं, बच्चों और युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के कारण कई परिवार आर्थिक परेशानी, घरेलू विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। कमाई का पैसा नशे में खर्च होने से बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतें प्रभावित होती हैं, जबकि घर की महिलाएं इन परिस्थितियों का सबसे अधिक खामियाजा भुगतती हैं। गांव के बच्चे और युवा पीढ़ी शराब के नशे की गिरफ्त में आ रहे  हैं

सरकार नशामुक्ति की बात करती है, गांवों में नशा बढ़ने की शिकायत

ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार नशामुक्त समाज के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर गांव की छोटी-छोटी गलियों और मोहल्लों चौक चौराहों में कथित रूप से शराब की उपलब्धता बढ़ती जा रही है। इसका सबसे चिंताजनक असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। ग्रामीणों को डर है कि यदि शराब की आसान उपलब्धता पर रोक नहीं लगी तो आने वाली पीढ़ी नशे की गिरफ्त में और तेजी से जा सकती है।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि शराब पीकर चौक-चौराहों पर जमावड़ा लगाने वाले लोगों के कारण महिलाओं और छात्राओं को असहजता का सामना करना पड़ता है। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है।


शराब आती कहां से है, कार्रवाई से पहले सूचना कौन देता है?
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वैध शराब दुकान नहीं होने के बावजूद शराब उपलब्ध होना अपने आप में बड़ा सवाल है। कुछ लोगों पर बाहर से शराब लाकर बेचने तथा कुछ स्थानों पर कच्ची शराब बनाने और बेचने का कथित आरोप है।
ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि कार्रवाई की सूचना कथित शराब कारोबारियों तक पहले पहुंच जाती है, जिससे वे मौके से बच निकलते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा शिकायत किए जाने के बाद मामले की निष्पक्ष और जमीनी जांच जरूरी हो गई है।


महिलाओं की मांग, कागजी कार्रवाई नहीं, गांव में दिखे असर
ग्रामीण महिलाओं की मांग है कि पुलिस और आबकारी विभाग लाफा में शराब बिक्री और कच्ची शराब निर्माण की शिकायतों की मौके पर जांच करें, स्कूल चौक सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाएं और यदि अवैध शराब मिलती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करें।
महिलाओं का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ शराब के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने बच्चों के भविष्य, परिवार की शांति और गांव के सुरक्षित माहौल के लिए है।
अब सवाल यह है कि कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंची 100 से अधिक महिलाओं की आवाज पर प्रशासन कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है। लाफा में शराब के कथित कारोबार पर कार्रवाई होगी या शिकायत फिर कागजों में सिमट जाएगी, अब निगाहें पुलिस और आबकारी विभाग पर हैं।

प्रदीप मिश्रा
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