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बहनों का स्नेह अनमोल, सशक्तिकरण हमारा संकल्प : सीएम साय

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर

मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का आत्मीय उल्लास, माताओं-बहनों ने बांधी राखी; महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं

रायपुर ACGN:- मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व इस बार भाई-बहन के स्नेह के साथ महिला सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के संकल्प का भी साक्षी बना। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं और बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें स्नेह व आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने भी सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि बहनों का यह स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए अनमोल है तथा प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के सुख-दुःख में साथ खड़े रहने का पवित्र अवसर है। बहन की कलाई से बंधी राखी भाई को उसके दायित्वों की याद दिलाती है और भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा तथा खुशियों की रक्षा का संकल्प लेता है।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आई बहनों का स्नेह उनके लिए विशेष महत्व रखता है। यह स्नेह उन्हें प्रदेश की माताओं और बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।


    राखी के धागे में जुड़ा सम्मान और भावनाओं का रिश्ता
रक्षाबंधन समारोह में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती सरला दुबे ने मुख्यमंत्री श्री साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। उनकी धर्मपत्नी से राखी बंधवाना उनके लिए विशेष भावनात्मक अनुभव रहा।


कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी और स्मृति दीदी, श्रीमती सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।


  जवानों की कलाई पर राखी, देश की सुरक्षा के प्रति सम्मान
मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर कर्तव्य निभाते हैं। ऐसे जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों को राखी बांधी। राखी के इस धागे ने जवानों और समाज के बीच स्नेह एवं सम्मान का भाव और मजबूत किया।


          महिला पत्रकारों के साहस को भी किया नमन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में मौजूद महिला पत्रकारों का विशेष स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। महिला पत्रकार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समाज को देश-दुनिया की घटनाओं से अवगत कराती हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटते समय एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने भी उन्हें राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं केवल घर और परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्व-सहायता समूहों, आजीविका, तकनीक, पंचायत नेतृत्व और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, ई-रिक्शा दीदी, सेटरिंग प्लेट दीदी और मितानिन दीदियां महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर पेश कर रही हैं।


    महतारी वंदन से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए 31वीं किस्त की राशि 25 अगस्त को ही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई। इस मद में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं के आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हुई है। महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।


                13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ का अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन प्रदेश ने इससे आगे बढ़ते हुए पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में सफलता हासिल की है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का परिणाम है।


    ड्रोन और ई-रिक्शा ने खोली आत्मनिर्भरता की राह
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गांव की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। ड्रोन दीदियां खेतों में उर्वरक और दवाओं का छिड़काव कर आय अर्जित कर रही हैं। इसी तरह ई-रिक्शा के माध्यम से महिलाएं सम्मानजनक आजीविका की ओर बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। वहीं जशपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की मजबूत भागीदार बनाना चाहती है।


      महिला उद्यमिता को नई औद्योगिक नीति में प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। महिलाओं के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। सरकार चाहती है कि प्रदेश की महिलाएं केवल नौकरी या स्वरोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि सफल उद्यमी बनकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।


     विकसित छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति की होगी बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक माता-बहन को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।


उन्होंने कहा कि महिलाओं के आत्मनिर्भर होने से परिवार मजबूत होता है, परिवार मजबूत होने से समाज मजबूत होता है और मजबूत समाज ही विकसित प्रदेश की नींव तैयार करता है। इसी सोच के साथ सरकार महिला सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है।


रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की सभी माताओं और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही प्रदेश की सेवा के संकल्प को नई ऊर्जा देता है। मातृशक्ति के सामर्थ्य से सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।

प्रदीप मिश्रा
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