किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने सख्त निर्देश
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कोरबा छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
फसल विविधीकरण से लेकर उर्वरक दुकानों की जांच तक कलेक्टर ने तय किए लक्ष्य, प्राकृतिक खेती और एफपीओ पर भी जोर
कोरबा ACGN:- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और जिले के किसानों को कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कृषि, पशुधन चिकित्सा, मत्स्य, उद्यानिकी सहित संबंधित विभागों की योजनाओं और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने और योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने फसल क्षेत्राच्छादन और फसल विविधीकरण की समीक्षा करते हुए किसानों को अधिक लाभदायक और क्षेत्र के अनुकूल फसलों के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने रागी के फसल क्षेत्र में 25 प्रतिशत वृद्धि तथा रामतिल के क्षेत्र को दोगुना करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बीज मिनीकिट के माध्यम से दलहन फसलों के बीज वितरण में भी वृद्धि करने को कहा गया।


जिले की सभी 198 उर्वरक दुकानों की होगी जांच
कलेक्टर श्री दुदावत ने जिले में संचालित सभी 198 उर्वरक दुकानों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय और निजी उर्वरक दुकानों की ब्लॉकवार सूची तैयार कर प्रत्येक दुकान से उर्वरक के नमूने लेने और उनकी जांच सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नमूना संकलन और जांच की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभागीय अमला लगातार निगरानी रखे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अऋणी किसानों का फसल बीमा कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अमले को किसानों के बीच योजना का प्रचार-प्रसार करने और उन्हें फसल बीमा के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
तीन साल में सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड का लक्ष्य
कलेक्टर ने स्वायल हेल्थ कार्ड योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मिट्टी की जांच के लिए निर्धारित क्षमता का पूरा उपयोग करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक वर्ष करीब 25 हजार किसानों का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने और आगामी तीन वर्षों में जिले के सभी किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों से लगातार संपर्क में रहने तथा बारिश समाप्त होने के बाद निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने को कहा।
प्राकृतिक खेती और एफपीओ विस्तार पर विशेष जोर
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने क्लस्टर रिसोर्स पर्सन यानी सीआरपी से शत-प्रतिशत कार्य लेने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अमले का प्रशिक्षण, किसानों से निरंतर संपर्क और जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सितंबर माह तक पूरी कराने पर जोर दिया।
बैठक में परंपरागत कृषि विकास योजना, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और खाद्य तेल मिशन की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने किसान उत्पादक संगठनों यानी एफपीओ में किसानों की सदस्यता बढ़ाने के लिए सितंबर तक विशेष अभियान चलाने को कहा।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में 1200 और उद्यानिकी क्षेत्र में 400 एफपीओ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषक चौपाल आयोजित कर किसानों को एफपीओ से जोड़ने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि किसान संगठित होकर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की बेहतर व्यवस्था से अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
कलेक्टर ने नलकूप खनन, जैविक खेती प्रशिक्षण और बीज उत्पादन के लिए किसानों के पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने कृषक उन्नति योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने, दलहन एवं तिलहन फसल प्रदर्शन के निर्धारित लक्ष्य पूरे करने और कोदो-कुटकी सहित अन्य पारंपरिक एवं पोषक फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 सितंबर तक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा।
वनपट्टाधारी किसानों और किसान क्रेडिट कार्ड पर भी फोकस
एग्रीस्टैक के अंतर्गत वनपट्टाधारी किसानों के आधार नंबर, वनपट्टे में दर्ज नाम और अन्य आवश्यक जानकारी तहसील के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण के निर्धारित लक्ष्यों को भी समय-सीमा में पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
मत्स्य और पशुधन योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एक्वा पार्क और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत केज कल्चर को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य बीज वितरण, मत्स्य पालकों के प्रशिक्षण और विभागीय योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने को कहा।
मत्स्य पालकों के किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन बढ़ाने और जल क्षेत्र आवंटन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
पशुधन चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्य पूरे करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने, टीकाकरण अभियान पूरा करने और अधिक से अधिक पशु चिकित्सा शिविर आयोजित करने को कहा। उन्होंने पशु उपचार, बधियाकरण, औषधि वितरण तथा राज्य पोषित व्यक्तिमूलक योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मोबाइल वेटेरिनरी वैन के माध्यम से लक्ष्य से पीछे चल रहे कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
रेशम उत्पादन और कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों पर नजर
कलेक्टर ने रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए जमीन धागाकरण के कार्य को बढ़ाने और इससे जुड़े लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने किसानों को कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने कहा।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे, इसके लिए केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है। मैदानी स्तर पर किसानों से सतत संपर्क, नियमित निगरानी और समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करना जरूरी है।
बैठक में उप संचालक कृषि श्री देवेन्द्र सिंह कंवर, रेशम अधिकारी श्री बलभद्र सिंह भंडारी, पशुधन चिकित्सा विभाग से श्री एस.एन. मिश्रा सहित मत्स्य पालन, कृषि विज्ञान केंद्र और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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