अडानी पावर प्लांट पर पताड़ी में ग्रामसभा का बड़ा फैसला, ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से कहा, सहमति नहीं!
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- कमलेश वैष्णव, पताड़ी
जल-जंगल-जमीन, प्रदूषण, स्वास्थ्य, मुआवजा और रोजगार के सवाल पर ग्रामीणों ने जताई दो टूक असहमति
कोरबा। अडानी पावर प्लांट को लेकर ग्राम पंचायत पताड़ी में आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी खुलकर सामने रखी। 20 अगस्त 2026 को हुई ग्रामसभा में ग्रामीणों ने अडानी पावर प्लांट के पक्ष में सहमति देने से साफ इनकार करते हुए संबंधित प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया। ग्रामसभा के इस फैसले से परियोजना को लेकर ग्रामीणों के बीच बने असंतोष का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि मामला केवल किसी एक परियोजना का नहीं, बल्कि गांव के जल, जंगल, जमीन, पर्यावरण, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाओं और उचित मुआवजे सहित कई गंभीर सवाल उठाए।

लिखित आश्वासन के बिना सहमति नहीं
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण की रोकथाम तथा प्रभावित लोगों को उचित मुआवजे को लेकर जब तक स्पष्ट और ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक परियोजना के पक्ष में सहमति देना संभव नहीं है।
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने अपने अधिकारों और आजीविका से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा। चर्चा के बाद उपस्थित ग्रामीणों ने अडानी पावर प्लांट से संबंधित प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अस्वीकार/निरस्त करने का निर्णय लिया।

ग्रामसभा का दो टूक संदेश, अनापत्ति नहीं
ग्रामसभा के निर्णय में स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायत पताड़ी की ओर से अडानी पावर प्लांट के संबंध में कोई अनापत्ति अथवा सहमति प्रदान नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर गांव के लोगों के हितों और प्राकृतिक संसाधनों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका सवाल है कि यदि परियोजना से गांव और स्थानीय लोगों को लाभ पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, तो रोजगार, स्वास्थ्य, पर्यावरण और मुआवजे को लेकर ठोस लिखित गारंटी क्यों नहीं दी जा रही?

अब आगे क्या? ग्रामीणों के फैसले पर टिकी नजर
ग्रामसभा के इस निर्णय के बाद अब अडानी पावर प्लांट से जुड़े आगामी कदमों को लेकर ग्रामीणों की नजर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर है। ग्रामीणों ने साफ संकेत दिया है कि गांव के भविष्य से जुड़े फैसले कागजों में नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सहमति और उनके हितों को ध्यान में रखकर होने चाहिए।
पताड़ी की ग्रामसभा से निकला संदेश फिलहाल साफ है, जल-जंगल-जमीन और ग्रामीणों के अधिकारों की कीमत पर परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह समाचार ग्रामसभा में ग्रामीणों द्वारा लिए गए निर्णय एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। परियोजना से संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































