नॉर्थ जोन में 1600 से अधिक लोगों तक पहुंचा साइबर जागरूकता का संदेश
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों को साइबर ठगी के नए तरीकों और बचाव के उपाय बताए
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन में विभिन्न स्कूल एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 1600 छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई।
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्री आदित्य पांडे के पर्यवेक्षण में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया।
स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों को दी गई साइबर सुरक्षा की जानकारी

थाना पंडरी क्षेत्र के कांपा स्थित सेंट पालोटी महाविद्यालय में करीब 200 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। इसी तरह थाना गुढ़ियारी क्षेत्र के विकास नगर स्थित न्यू टेक पब्लिक स्कूल में कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लगभग 200 विद्यार्थियों तथा विद्यालयीन कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि वे अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
थाना खम्हारडीह क्षेत्र के शासकीय विद्यालय में भी करीब 200 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। वहीं थाना उरला क्षेत्र के बिरगांव स्थित ईश्वर पब्लिक स्कूल में लगभग 1000 छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों की सहभागिता में बड़ा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां साइबर अपराधों के साथ यातायात सुरक्षा तथा नए आपराधिक कानूनों से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
‘संवाद से समाधान’ के तहत बच्चों से किया गया संवाद

शासकीय पूर्व माध्यमिक अभ्यास शाला, बीटीआई मैदान शंकर नगर में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 200 बच्चों से संवाद किया गया। पुलिस द्वारा संचालित ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम के तहत बच्चों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श की पहचान, सुरक्षित व्यवहार तथा साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि संदिग्ध लिंक या संदेश पर बिना जांचे क्लिक न करें। अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड अथवा स्थापित करने से बचें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, सीवीवी, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। फर्जी बैंक अधिकारी, फर्जी पहचान-पत्र सत्यापन, ऑनलाइन निवेश और सामाजिक माध्यमों के माध्यम से होने वाली ठगी से भी सावधान रहने की समझाइश दी गई।

परिजनों को भी जागरूक करने की अपील – जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने के साथ-साथ अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें। विद्यार्थियों को रायपुर पुलिस के सामाजिक माध्यम पृष्ठों से जुड़ने तथा क्यूआर कोड के माध्यम से साइबर जागृति अभियान में सहभागिता करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना मिलने से ठगी की राशि को रोकने और पीड़ित को राहत दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक बनाएं, क्योंकि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
प्रदीप मिश्रा
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