सी.एम. दुबे पीजी कॉलेज में साइबर जागृति अभियान, विद्यार्थियों ने सीखी डिजिटल सुरक्षा की बारीकियां
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बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- बिलासपुर
एसएसपी रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को बताए साइबर ठगी से बचने के उपाय, सैकड़ों छात्रों ने ली जागरूकता सेल्फी
बिलासपुर, 18 अगस्त 2026। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान के तहत सी.एम. दुबे पीजी कॉलेज, बिलासपुर में विद्यार्थियों के लिए साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सामाजिक माध्यम हमारी दैनिक जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। सुविधाओं के साथ साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ठगी का शिकार बनाने के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग और जागरूक रहना जरूरी है।
ओटीपी से लेकर डिजिटल गिरफ्तारी तक, बताए साइबर अपराध के तरीके

एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे विभिन्न हथकंडों की जानकारी दी। उन्होंने ओटीपी ठगी, यूपीआई ठगी, फर्जी लिंक, एपीके फाइल, सामाजिक माध्यमों के माध्यम से ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे अपराधों के बारे में विस्तार से समझाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से सावधान करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड, सीवीवी अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसी तरह अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और बिना जांचे किसी एपीके फाइल को मोबाइल में डाउनलोड करने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को डराकर, लालच देकर या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करके ठगी करते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध फोन, संदेश या ऑनलाइन प्रस्ताव पर तत्काल विश्वास करने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

एसएसपी ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। ठगी की सूचना जितनी जल्दी पुलिस और संबंधित तंत्र तक पहुंचती है, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि ठगी की राशि को रोकने अथवा वापस कराने की कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने का आह्वान किया गया।
जागरूकता सेल्फी के माध्यम से दिया साइबर सुरक्षा का संदेश

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए जागरूकता सेल्फी लेकर उसे व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सामाजिक माध्यमों के माध्यम से साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों को समझने के साथ सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और अपने परिवार तथा समाज को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य समाज के हर आयु वर्ग तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना है।
कार्यक्रम में जिलाधीश बिलासपुर डॉ. संजय अग्रवाल, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री रामगोपाल करियारे, महाविद्यालय के चेयरमैन श्री संजय दुबे, प्राचार्य, प्राध्यापकगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा साइबर अपराध मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
सतर्क रहें, जागरूक रहें — बिलासपुर पुलिस।

प्रदीप मिश्रा
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