हरेली पर हरित जीपीएम का संकल्प, 3.36 लाख पौधों से संवरेगा जिले का भविष्य
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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया पौधरोपण, डोंगरिया में जिला स्तरीय वृक्षारोपण एवं हरेली उत्सव; रोपे गए पौधों की सुरक्षा का लिया सामूहिक संकल्प
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ACGN:- हरेली तिहार के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के डोंगरिया स्थित चारागाह स्थल में जिला स्तरीय वृक्षारोपण एवं हरेली उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने पौधरोपण कर जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण और हरियाली विस्तार का संदेश दिया। इस अवसर पर ‘हरित जीपीएम अभियान’ के अंतर्गत जिले में 3 लाख 36 हजार से अधिक पौधों के रोपण की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कृषि संस्कृति के अनुरूप नागर एवं कोपर जैसे कृषि यंत्रों की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद डोंगरिया के चारागाह स्थल में पौधरोपण किया गया। बाद में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डोंगरिया के सभागार में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों, विद्यार्थियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया।

प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की कृषि, प्रकृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ा पर्व है। ऐसे पर्व के अवसर पर पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि जिले को हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा हरित जीपीएम अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय विरासत तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण, हरियाली विस्तार और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। प्रभारी मंत्री ने अभियान की सफलता के लिए जिला प्रशासन और जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि पौधे लगाने के बाद उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। केवल पौधरोपण करने से अभियान पूरा नहीं होता, बल्कि प्रत्येक पौधे को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी सामूहिक जिम्मेदारी है।

विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि हरेली खुशहाली, सुख-समृद्धि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाला पर्व है। इस अवसर पर पौधरोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पौधा लगाने के साथ उसे बड़ा करना और उसकी सुरक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बताया कि हरित जीपीएम अभियान को जिले के सभी वर्गों की सहभागिता के साथ व्यापक स्वरूप दिया गया है। अभियान के तहत ग्राम पंचायतों के साथ नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों, आश्रमों, स्वास्थ्य केंद्रों और शासकीय कार्यालय परिसरों में पौधरोपण किया गया। इसके अलावा गौठानों, चारागाहों, सड़कों और नदी किनारे, अमृत सरोवरों तथा प्रधानमंत्री आवास परिसरों में भी पौधे लगाए गए हैं।
अभियान के अंतर्गत जिले में 3 लाख 36 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण और संवर्धन को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाले वर्षों में जिले के हरित आवरण, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हरित जीपीएम अभियान के अंतर्गत विभिन्न वानिकी, फलदार और औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें आम, जामुन, अमरूद, नींबू, मुनगा, कटहल, हर्रा, बहेरा, करंज, आंवला, महुआ, सीताफल और बांस सहित अनेक उपयोगी प्रजातियां शामिल हैं। फलदार पौधों से भविष्य में स्थानीय स्तर पर फल एवं उपयोगी वृक्षों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है, जबकि औषधीय एवं वानिकी प्रजातियां पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता संरक्षण में योगदान देंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने रोपित पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण को केवल पौधरोपण तक सीमित न रखकर पौधों के संरक्षण और संवर्धन को जनभागीदारी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
हरेली के अवसर पर आयोजित यह आयोजन छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के बीच गहरे संबंध को भी सामने लाता है। पारंपरिक कृषि यंत्रों की पूजा से शुरू हुआ कार्यक्रम पौधरोपण और पौधों को सुरक्षित रखने के सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ। हरित जीपीएम अभियान के माध्यम से प्रशासन ने जिले के गांवों से लेकर शहरों तक पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान का रूप देने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, जनपद पंचायत मरवाही की अध्यक्ष जानकी कुशरो, पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, वनमंडलाधिकारी निशांत कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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