नशे का रास्ता बनी दवाइयों पर पुलिस का शिकंजा, दवा संघ के साथ बैठक में कड़े निर्देश
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता : अनादि पांडेय रायपुर
बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची नियंत्रित दवाइयों की बिक्री पर होगी कार्रवाई, पुलिस ने दवा कारोबारियों से मांगा सहयोग
रायपुर। शहर में कुछ नियंत्रित दवाइयों के नशे के रूप में दुरुपयोग की बढ़ती आशंका को देखते हुए रायपुर पुलिस ने अब दवा दुकानों पर निगरानी और नियमों के पालन को लेकर सख्ती की दिशा में कदम बढ़ाया है। पुलिस उपायुक्त (अपराध एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला ने मंगलवार को पुराने पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में रायपुर दवा संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर अवैध और नियम विरुद्ध दवा बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर चर्चा की।
बैठक में विशेष रूप से अनुसूची एच-1 तथा मनोचिकित्सकीय दवाइयों की बिक्री और उनके संभावित दुरुपयोग का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। पुलिस ने दवा व्यवसायियों को स्पष्ट किया कि निर्धारित नियमों के विपरीत अथवा बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के ऐसी दवाइयों की बिक्री नहीं की जानी चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कुछ नियंत्रित दवाइयों का अनधिकृत सेवन नशे के रूप में किया जा सकता है और इसका सबसे अधिक असर युवाओं तथा समाज पर पड़ सकता है।
पुलिस उपायुक्त ने दवा दुकान संचालकों से कहा कि प्रत्येक दवा की बिक्री निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक अभिलेखों के साथ की जाए। किसी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा ऐसी दवाइयों की मांग किए जाने या अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील भी की गई।
इस बैठक के पीछे पुलिस की चिंता केवल दवा की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि नियंत्रित दवाइयों के जरिए नशे के बढ़ते नेटवर्क की संभावना को लेकर भी है। यदि चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित दवाइयां बिना पर्ची आसानी से उपलब्ध होने लगें तो उनका दुरुपयोग गंभीर सामाजिक समस्या का रूप ले सकता है। इसी वजह से पुलिस और दवा व्यवसायियों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में रायपुर दवा संघ के पदाधिकारियों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए अवैध दवा बिक्री पर रोक लगाने में सहयोग का भरोसा दिलाया। संघ की ओर से दवा दुकान संचालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को हतोत्साहित करने की बात कही गई। साथ ही पुलिस और दवा व्यवसायियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी दिनों में शहर के सभी दवा दुकान संचालकों के साथ बड़े स्तर पर जागरूकता एवं समन्वय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि दवाइयों की बिक्री से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक विक्रेता तक पहुंचाई जा सके।
पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में दवा दुकानों पर नियंत्रित दवाइयों की बिक्री और अभिलेखों के संधारण को लेकर निगरानी और सख्त होने की संभावना है।
बैठक में मेडिकल एसोसिएशन जिला रायपुर के अध्यक्ष श्री विनय कृपलानी, सचिव श्री संजय रावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अश्विनी विग, उपाध्यक्ष श्री आशीष कुमार, कोषाध्यक्ष श्री नीतेश जैन, सह-सचिव श्री मनीष सोनी, श्री दीपक लालवानी एवं श्री वरुण चिमनानी सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। पुलिस की ओर से सहायक पुलिस आयुक्त श्री संजय सिंह, श्री नरेश पटेल तथा प्रभारी एसीसीयू निरीक्षक श्री सतीश सिंह गहरवार भी उपस्थित रहे।
रायपुर पुलिस की इस पहल से यह संदेश स्पष्ट है कि दवाइयां जीवन बचाने का माध्यम हैं, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर इनका विक्रय या दुरुपयोग युवाओं और समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में पुलिस, प्रशासन और दवा कारोबारियों के बीच समन्वय से ही इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
प्रदीप मिश्रा
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