बांगो बांध पर बढ़ा खतरा, कभी भी खुल सकते हैं गेट
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
जलभराव 89.55 प्रतिशत पहुंचा, हसदेव नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट; बाढ़ क्षेत्र से संपत्तियां सुरक्षित स्थान पर हटाने के निर्देश
कोरबा ACGN :- इन दिनों लगातार हो रही बारिश के बीच मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलाशय में वर्तमान जलभराव 89.55 प्रतिशत पहुंच गया है। पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में जलाशय के गेट कभी भी खोले जा सकते हैं और हसदेव नदी में पानी प्रवाहित किया जा सकता है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने नदी किनारे और संभावित बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों तथा संबंधित संस्थानों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
पानी बढ़ा तो खुल सकते हैं बांध के गेट – मिनीमाता बांगो जलाशय के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. भारती से प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश के कारण जलाशय में लगातार पानी की आवक हो रही है। वर्तमान स्थिति में जलभराव 89.55 प्रतिशत है। यदि जलाशय में पानी की आवक इसी तरह बढ़ती रही तो बांध की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गेट खोलकर पानी बहाया जा सकता है।
हसदेव नदी के किनारे रहने वालों को विशेष सावधानी – जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के किनारे और बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने बांध से नीचे नदी किनारे बाढ़ क्षेत्र में स्थापित चल-अचल संपत्तियों को सुरक्षित स्थानों पर हटाने के निर्देश दिए हैं।
खनिज खदानों के ठेकेदारों, औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों को भी अपनी परिसंपत्तियां बाढ़ क्षेत्र से बाहर सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए सूचित किया गया है।
अचानक बाढ़ की स्थिति में विभाग नहीं होगा जिम्मेदार – कार्यपालन अभियंता मिनीमाता हसदेव बांगो बांध संभाग क्रमांक-3, माचाडोली ने स्पष्ट किया है कि बांध से पानी छोड़े जाने अथवा अचानक बाढ़ की स्थिति में होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति के लिए जल संसाधन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा। ऐसे में बाढ़ संभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को पहले से ही सतर्क होकर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी गई है।
गांवों में मुनादी कराने के निर्देश – संभावित खतरे को देखते हुए बाढ़ क्षेत्र में आने वाले गांवों में बाढ़ चेतावनी की मुनादी करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से ग्रामीणों को नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए सतर्क किया जा रहा है।
इन गांवों पर रहेगी विशेष नजर – बाढ़ संभावित क्षेत्र में बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, सिलीयारीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोड़ा, हथमार, झोरा और सिरकीकला सहित अन्य गांव शामिल हैं।
जलाशय का जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। नदी और जलाशय के आसपास जाने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
बारिश के बीच 89.55 प्रतिशत जलभराव के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण नजर जलाशय में आने वाले पानी की मात्रा और जलस्तर पर बनी हुई है। यदि आवक बढ़ती है तो बांगो बांध के गेट खोले जाने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में हसदेव नदी के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
प्रदीप मिश्रा
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