ओडिशा में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट, अगले 24 घंटे सबसे अहम
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भुवनेश्वर, ओडिशा
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजयानंद जी महाराज
महानदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील जिलों में निगरानी बढ़ाई; सीजन की सबसे बड़ी बाढ़ की आशंका।
भुवनेश्वर ACGN :- ओडिशा में लगातार हो रही बारिश और महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ प्रबंधन को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जल संसाधन विभाग ने अगले 24 घंटे को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है। नदियों, तटबंधों और बाढ़ सुरक्षा ढांचों पर वरिष्ठ अभियंताओं की लगातार नजर बनी हुई है, वहीं अतिरिक्त अधिकारियों और तकनीकी टीमों को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए तैनात कर दिया गया है।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप राउत ने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार बाढ़ की दृष्टि से सबसे संवेदनशील दिन हैं। वर्तमान में मध्यम स्तर की बाढ़ की संभावना बनी हुई है, लेकिन यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो यह इस मानसून की सबसे बड़ी बाढ़ साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि दोपहर तक मुंडली बैराज से लगभग 8.28 लाख क्यूसेक पानी गुजर चुका था और शाम तक इसके 9.5 लाख क्यूसेक तक पहुंचने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि हीराकुद बांध के दो फाटक खोल दिए गए हैं। बांध का जलस्तर 620 फीट तक पहुंच चुका है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 630 फीट है। वर्तमान में बांध में 2.8 से 3 लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि लगभग 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। विभाग का कहना है कि यदि महानदी में लगभग 9 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह होता है तो इसकी सहायक और वितरक नदियां लूणा, भार्गवी, कुआखाई, कारंडिया, देवी, कंदल, चित्रोत्पला, पाइका, कुशभद्रा और दया का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

संभावित बाढ़ को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अपनी मैदानी तैयारियों को और मजबूत कर दिया है। विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में सक्रिय हैं तथा संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। लघु सिंचाई, मेगा लिफ्ट सिंचाई, गुणवत्ता आश्वासन तथा सर्वे एवं अन्वेषण शाखा के अधीक्षण अभियंताओं और कार्यकारी अभियंताओं को कटक, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर और पुरी जिलों में पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत और सुरक्षा कार्यों की जिम्मेदारी संभाल सकें।
इसी बीच महानदी, ब्राह्मणी एवं बैतरणी बेसिन प्रणाली के मुख्य अभियंता ने केंद्रापड़ा जिले के आली ब्लॉक स्थित गोबिंदपुर महादेव मंदिर के पास खरसूआ नदी के ओई-9बी ओवरफ्लो स्थल का निरीक्षण किया। वहां रेत से भरे बोरों के माध्यम से पानी के तेज बहाव को नियंत्रित किया गया है। अधिकारियों को क्षेत्र की लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सभी जिला कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जलभराव वाले क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा संभावित प्रभावित लोगों की सुरक्षित निकासी की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने ओड्राफ, पुलिस बल और जिला प्रशासन को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जल संसाधन विभाग ने सभी जिला प्रशासनों को निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, तटबंधों की लगातार निगरानी रखने और समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। विभाग लगातार नदियों के जलस्तर और जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगले 24 घंटे बाढ़ प्रबंधन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं और इसी दौरान स्थिति की वास्तविक गंभीरता स्पष्ट होगी।
प्रदीप मिश्रा
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