नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , मृत महिला के नाम पर प्रधानमंत्री आवास की राशि आहरित होने का आरोप, जनदर्शन पहुंच शिकायतकर्ताओं ने लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

मृत महिला के नाम पर प्रधानमंत्री आवास की राशि आहरित होने का आरोप, जनदर्शन पहुंच शिकायतकर्ताओं ने लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

सुशासन तिहार में शिकायत के बाद भी नहीं मिला जवाब, जनदर्शन में कलेक्टर से कहा – आखिर मृत हितग्राही के नाम से राशि किसने निकाली और क्यों निकाली?

कोरबा ACGN:- कोरबा जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत रंगोले में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सोमवार को आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में शिकायतकर्ता पहुंचकर कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपा और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की मृत हितग्राही स्वर्गीय कर्णबाई, पति बनफीराम के नाम से उनके निधन के बाद भी योजना की राशि आहरित कर ली गई, जबकि न तो आवास का निर्माण हुआ और न ही अब तक इस पूरे मामले में किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई है।

शिकायतकर्ताओं ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि स्वर्गीय करने बाई के नाम पर वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत हुई थी। इसके बाद वर्ष 2022-23 में उनका निधन हो गया, लेकिन शिकायतकर्ताओं के अनुसार इसके बावजूद 17 अक्टूबर 2024 को उनके नाम से योजना की राशि आहरित कर ली गई। उनका कहना है कि यदि हितग्राही जीवित ही नहीं थीं तो फिर उनके नाम पर राशि किस प्रक्रिया के तहत निकाली गई, यह अपने आप में गंभीर जांच का विषय है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस मामले को पहली बार नहीं उठाया है। इससे पहले भी उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी। उस समय उन्हें आश्वासन मिला था कि मामले की जांच होगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो जांच की कोई रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई गई और न ही किसी प्रकार का स्पष्टीकरण दिया गया। इसी कारण वे एक बार फिर सोमवार को जनदर्शन में पहुंचे और कलेक्टर के समक्ष अपनी शिकायत रखी।

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्हें सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि वे लगातार यह जानना चाहते हैं कि एक मृत महिला के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि आखिर किसने निकाली, किसके आदेश पर निकाली, किस दस्तावेज के आधार पर निकाली और राशि का वास्तविक उपयोग कहां हुआ, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने इन प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।

शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि यदि राशि किसी तकनीकी त्रुटि या अन्य कारण से आहरित हुई थी तो इसकी तत्काल सूचना संबंधित विभाग को देकर विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी पूरा मामला रहस्य बना हुआ है, जिससे शासन की महत्वपूर्ण योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

तत्कालीन सचिव ने क्या कहा?

इस संबंध में जब तत्कालीन पंचायत सचिव सुनील कुमार कुर्रे से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया कि राशि आहरित की गई थी, लेकिन बाद में उसे जनपद पंचायत कार्यालय में जमा कर दिया गया।

हालांकि जब उनसे पूछा गया कि यदि राशि वास्तव में वापस जमा कर दी गई है तो उसकी रसीद, चालान, जमा पावती अथवा कोई आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी राशि सुरक्षित रूप से वापस जमा हो चुकी है, तब उन्होंने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया और गोलमोल जवाब देते रहे।

अब प्रशासन के सामने खड़े हो रहे हैं कई गंभीर सवाल

यह मामला अब कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े कर रहा है

जब हितग्राही का वर्ष 2022-23 में निधन हो चुका था तो वर्ष 2024 में उनके नाम से राशि किस प्रक्रिया के तहत आहरित की गई?

भुगतान से पहले लाभार्थी का सत्यापन किस अधिकारी या कर्मचारी ने किया?

क्या भुगतान के समय आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया गया था?

यदि राशि वापस जनपद पंचायत में जमा कर दी गई है तो उसका आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?

यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही से यह राशि निकली तो उसके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई हुई?

सुशासन तिहार में शिकायत मिलने के बावजूद कई महीनों तक जांच लंबित क्यों रही?

क्या इस पूरे मामले में किसी स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके?

निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए, यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर शिकायतकर्ताओं को भी उपलब्ध कराई जाए।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनदर्शन में उठे इस गंभीर मामले पर जिला प्रशासन कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना में यदि किसी मृत हितग्राही के नाम से राशि आहरित होने का आरोप सही पाया जाता है, तो यह न केवल प्रशासनिक जवाबदेही का विषय होगा बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।

(यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत आवेदन और संबंधित पक्ष से प्राप्त बयान पर आधारित है। मामले की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

 

प्रदीप मिश्रा

देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल, अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़, हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें

अपने क्षेत्र के समाचार एवं विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें : 7647981711, 9303948009

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now