महादेव ऐप मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, विकास गर्ग गिरफ्तार; सियासी हलचल तेज
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नई दिल्ली
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :-
धनशोधन जांच में ईडी का शिकंजा, राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ी चर्चा; सोशल मीडिया पर भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ तस्वीरें भी वायरल
नई दिल्ली ACGN :- महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े बहुचर्चित धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार विकास गर्ग दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारी हैं तथा पूर्व भाजपा विधायक नंद किशोर गर्ग के पुत्र हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और पूरे मामले को लेकर नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।
ईडी के अनुसार विकास गर्ग पर महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और धनशोधन की जांच चल रही है। एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। इससे पहले ईडी उनके और उनसे जुड़ी कंपनियों की लगभग 940 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान कई वित्तीय लेनदेन और निवेश से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला पिछले कई वर्षों से देश की प्रमुख जांच एजेंसियों के रडार पर है। इस मामले में ऑनलाइन सट्टेबाजी, हवाला नेटवर्क और कथित धनशोधन से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है। देश के विभिन्न राज्यों में इस प्रकरण से जुड़े कई मामले दर्ज हैं और समय-समय पर कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।
ईडी की कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर विकास गर्ग की भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों की तस्वीरें साझा करते हुए भाजपा पर सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले की जांच ईडी द्वारा जारी है और आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी कई तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई के बाद केंद्र सरकार से कई सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं ईडी का कहना है कि उसकी कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों, वित्तीय दस्तावेजों और धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
गौरतलब है कि महादेव ऐप प्रकरण में पहले भी करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं तथा कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों, हवाला लेनदेन और कथित धनशोधन की परतें खोलने में जुटी हैं।
फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। ईडी की जांच जारी है और विकास गर्ग के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।
प्रदीप मिश्रा
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