नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , प्राकृतिक खेती की मिसाल बनी जवाली की कृषक शांति देवी – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

प्राकृतिक खेती की मिसाल बनी जवाली की कृषक शांति देवी

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

कोरबा, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- दीपक पटेल

ढेंचा और मूंग की हरित खाद तकनीक अपनाकर प्राकृतिक खेती को दिया बढ़ावा, कम लागत में बेहतर उत्पादन की उम्मीद

कोरबा ACGN:- प्राकृतिक जैविक खेती एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित कार्यक्रमों के अंतर्गत विकासखंड कटघोरा के ग्राम पंचायत जवाली की कृषक शांति देवी, पति श्री मदनलाल राजपूत, निवासी दीपका ने प्राकृतिक खाद आधारित खेती का सफल प्रयोग कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कृषक शांति देवी ने बालाजी फ्यूल्स पेट्रोल पंप के निकट स्थित अपनी लगभग 3.775 एकड़ कृषि भूमि में हरित खाद तकनीक को अपनाया। इसके लिए उन्होंने आदिवासी सेवा सहकारी समिति मर्यादित जवाली (पंजीयन क्रमांक-3054) से ढेंचा (गुजरात किस्म) एवं मूंग (विराट किस्म) का बीज प्राप्त किया।
पूरे कृषि कार्य के दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरएईओ) मीनाक्षी ठाकुर द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उनके निर्देशन में वर्षा प्रारंभ होने के बाद जून माह में खेत की तैयारी कर ढेंचा एवं मूंग की बुवाई की गई। लगभग 30 से 40 दिनों बाद फसल के पूर्ण विकसित होने पर उसे जुताई कर मिट्टी में मिला दिया गया, जिससे खेत में प्राकृतिक नाइट्रोजन एवं जैविक पदार्थों की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। अब इसी खेत में आगामी दिनों में धान की रोपाई की जाएगी।


विशेषज्ञों के अनुसार ढेंचा एवं मूंग जैसी दलहनी फसलें हरित खाद के रूप में अत्यंत लाभकारी होती हैं। इनकी जड़ों में पाए जाने वाले राइजोबियम जीवाणु वायुमंडल की नाइट्रोजन को भूमि में स्थिर कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं। इससे जैविक कार्बन, सूक्ष्म जीवों की सक्रियता, जलधारण क्षमता तथा मिट्टी की संरचना में सुधार होता है। परिणामस्वरूप यूरिया, डीएपी, एसएसपी, पोटाश तथा अन्य रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता काफी कम हो जाती है और धान जैसी फसलों का उत्पादन बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है।
केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्राम जवाली की यह पहल दर्शाती है कि यदि किसान वैज्ञानिक सलाह और हरित खाद तकनीक को अपनाएं तो कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह मॉडल जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणादायी साबित हो सकता है।

प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें
अपने क्षेत्र के समाचार एवं विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें : 7647981711, 9303948009

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now