चिंतन शिविर 3.0 से सुशासन के अगले चरण की रूपरेखा होगी तैयार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
आईआईएम रायपुर में दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर का शुभारंभ, डिजिटल गवर्नेंस, एआई, कृषि समृद्धि और नेतृत्व विकास पर हुआ मंथन।
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर 3.0 का शुभारंभ हुआ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए दूरदर्शी नीति-निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंतन शिविर लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ सुशासन, गुड गवर्नेंस, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो चिंतन शिविरों से मिले सुझावों के आधार पर राज्य में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार लागू किए गए, जिनके सकारात्मक परिणाम आज दिखाई दे रहे हैं।

चिंतन शिविर के प्रथम दिवस में नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा कृषि समृद्धि जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व, सेवा-भाव, भावनात्मक संतुलन और जनप्रतिनिधियों की नैतिक जिम्मेदारियों पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन और डेटा आधारित प्रशासन के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

“कृषि से समृद्धि” विषयक सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद तथा कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क तथा तकनीक आधारित कृषि सुधारों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सफल मॉडलों पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले चिंतन शिविरों के सुझावों के आधार पर मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु जैसी महत्वपूर्ण पहलें लागू की गईं। वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को त्वरित, सरल और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, कृषि सुधार, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार नवाचार, ज्ञान, तकनीक और प्रभावी नीति-निर्माण को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी तथा शिविर से प्राप्त सुझावों को शीघ्र ही नीतिगत और प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा।
प्रदीप मिश्रा (प्रधान संपादक)
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