आषाढ़ के प्रथम दिवस पर गूंजा रामगढ़ महोत्सव-2026 का सांस्कृतिक वैभव, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया शुभारंभ
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सरगुजा/छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- सौरभ साहू
रामगढ़ की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम, समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे शामिल
सरगुजा ACGN:- सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक रामगढ़ में आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पारंपरिक विधि-विधान और सांस्कृतिक वातावरण के बीच महोत्सव का उद्घाटन किया। आयोजन में सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक और पुरातात्विक विरासत की झलक देखने को मिली।
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर स्कूली बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। वहीं नई दिल्ली से पहुंचे कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की लोक संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य और पर्यटन का अनूठा संगम है, जो नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने रामगढ़ महोत्सव के 50 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सरकार रामगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।

महोत्सव के दौरान पर्यटकों को विश्व की प्राचीनतम रंगशाला के रूप में प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला सहित अन्य पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा इन स्थलों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी दी जाएगी।

सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि रामगढ़ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास काल में यहां समय व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास से जुड़ी मान्यताओं और यहां मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों के कारण रामगढ़ की पहचान और भी विशेष हो जाती है।

लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि रामगढ़ धार्मिक आस्था के साथ-साथ इतिहास, साहित्य और पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां की विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव सरगुजा की प्राचीन संस्कृति और विरासत को नई पहचान देने का महत्वपूर्ण मंच है। आयोजन में स्थानीय कलाकारों और लोक संस्कृति को विशेष अवसर दिया गया है।

महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन के माध्यम से सरगुजा की ऐतिहासिक धरोहर, प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदीप मिश्रा (प्रधान संपादक)
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