लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
आपातकाल स्मृति दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, संघर्षों पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन
रायपुर ACGN:- आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और त्याग को नमन करते हुए कहा कि उनका योगदान देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों के संघर्षों पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं बल्कि जीवन मूल्यों की पहचान है। उन्होंने कहा कि आपातकाल का दौर भारतीय लोकतंत्र के लिए कठिन परीक्षा का समय था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर असर पड़ा। लोकतंत्र सेनानियों ने कठिन परिस्थितियों, जेल और यातनाओं के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की।

उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने और सामाजिक समरसता, अनुशासन तथा सकारात्मक सोच को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संस्कृति और मूल्यों के आधार पर विश्व में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा अध्याय है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र सेनानियों ने अपने संघर्ष से देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य किया। ऐसे आयोजन केवल स्मरण नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से सीख लेने का अवसर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने पारिवारिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान अनेक परिवारों ने कठिन दौर देखा। उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय भी लंबे समय तक जेल में रहे।

उस समय परिवारों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन समाज के लोगों ने सहयोग कर लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों का साथ दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती थी। प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन जैसे घटनाक्रमों ने लोकतंत्र के महत्व को और अधिक स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह दौर हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमेशा सजग रहने की प्रेरणा देता है।

समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, लोकतंत्र सेनानी, उनके परिजन और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में विद्यालय और महाविद्यालय स्तर के विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रदीप मिश्रा (प्रधान संपादक)
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