जलवायु परिवर्तन पर शांति सोनी की रचना राष्ट्रीय साहित्यिक संकलन के लिए चयनित
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बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
महमंद की वरिष्ठ व्याख्याता की पर्यावरण आधारित लेखनी को मिला राष्ट्रीय मंच, सामाजिक सरोकारों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान
बिलासपुर जिले के विकासखंड बिल्हा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महमंद की वरिष्ठ व्याख्याता, समाजसेवी एवं पर्यावरण संरक्षण की प्रबल समर्थक श्रीमती शांति सोनी ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर वैश्विक विषय पर लिखी गई उनकी चिंतनपरक एवं प्रेरणादायी रचना “जलवायु परिवर्तन : संकट, कारण और निवारण” का चयन राष्ट्रीय साहित्यिक संकलन के लिए किया गया है।
टेंपल ऑफ लिबरलाइजेशन एंड वेलफेयर एलाइड ट्रस्ट तथा परिवहन विशेष समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित किए जा रहे इस राष्ट्रीय साहित्यिक संकलन में देशभर के शिक्षाविदों, साहित्यकारों, शोधकर्ताओं एवं विद्वानों से आमंत्रित श्रेष्ठ रचनाओं को शामिल किया जा रहा है। इस संकलन में शांति सोनी की रचना का चयन उनके साहित्यिक कौशल, पर्यावरणीय चिंतन और समाज के प्रति उनकी संवेदनशील सोच का प्रमाण माना जा रहा है।
अपनी रचना में शांति सोनी ने जलवायु परिवर्तन को मानव सभ्यता के सामने खड़ी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया है। उन्होंने बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा, भीषण गर्मी, सूखा, बाढ़, पिघलते हिमनद और जैव विविधता के लगातार हो रहे नुकसान पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जलवायु परिवर्तन केवल प्रकृति से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि मानव स्वास्थ्य, कृषि, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट है।
उन्होंने अपनी रचना में जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारणों के रूप में जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग, वनों की अंधाधुंध कटाई, औद्योगिकीकरण, बढ़ते प्रदूषण, प्लास्टिक एवं रासायनिक अपशिष्ट तथा ग्रीनहाउस गैसों के बढ़ते उत्सर्जन को प्रमुख रूप से रेखांकित किया है।
वहीं समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सौर एवं पवन ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, व्यापक वृक्षारोपण, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और Reduce, Reuse, Recycle जैसी जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर दिया है।
शांति सोनी पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता जागरूकता और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उनकी लेखनी हमेशा जनजागरूकता, नैतिक मूल्यों और समाज हित से जुड़े विषयों पर केंद्रित रही है।
उनके द्वारा किए जा रहे सामाजिक प्रयासों में शिक्षा के माध्यम से जागरूकता फैलाना, विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और समाज को सकारात्मक दिशा देना प्रमुख उद्देश्य रहा है।
उल्लेखनीय है कि महमंद की विदुषी व्याख्याता एवं पर्यावरण मित्र सम्मान से सम्मानित शांति सोनी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का सम्मान है, बल्कि महमंद, बिल्हा, बिलासपुर जिले और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
राष्ट्रीय साहित्यिक संकलन का भव्य विमोचन 27 जून 2026 को किया जाएगा। शांति सोनी की इस उपलब्धि पर शिक्षकों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
प्रदीप मिश्रा
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