21वीं सदी इंडो-पैसिफिक की सदी है : मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
भुवनेश्वर, ओडिशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजया नंद जी महाराज
समुद्री सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन, पहली बार नई दिल्ली के बाहर ओडिशा में आयोजित हुई महत्वपूर्ण बैठक
भुवनेश्वर ACGN:- राजधानी भुवनेश्वर में मंगलवार को 14वीं मल्टी एजेंसी मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप की बैठक का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय स्तर की यह महत्वपूर्ण बैठक पहली बार नई दिल्ली से बाहर ओडिशा में आयोजित की गई। लोकसेवा भवन में आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने किया।
मुख्यमंत्री श्री माझी ने कहा कि समुद्र केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि अवसरों, समृद्धि और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का प्रवेश द्वार है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी इंडो-पैसिफिक की सदी है और भारत एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के बाहर पहली बार इस उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन होना सहकारी संघवाद की भावना को दर्शाता है। समुद्री सुरक्षा आज केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महत्वपूर्ण अधोसंरचना की सुरक्षा, समुद्री क्षेत्र जागरूकता, साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसी चुनौतियां भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के समुद्र, बंदरगाह, मत्स्य संसाधन और ब्लू इकोनॉमी राष्ट्रीय संपत्ति हैं। इनकी सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक विकास और समुद्र पर निर्भर लाखों लोगों की आजीविका के लिए बेहद जरूरी है।
ओडिशा की समुद्री विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 575 किलोमीटर लंबी तटरेखा प्राचीन समय से व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र रही है। प्राचीन कलिंग के व्यापारी समुद्री मार्गों से दक्षिण-पूर्व एशिया तक व्यापार करते थे, जिसकी झलक आज भी वालियात्रा उत्सव में दिखाई देती है।

उन्होंने बताया कि राज्य में समुद्री क्षमता को बढ़ाने के लिए गंजाम में गहरे समुद्र का बंदरगाह और पारादीप के निकट शिप बिल्डिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इससे समुद्री क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की सागर योजना, एक्ट ईस्ट नीति, बिम्सटेक और कोस्टल सिक्योरिटी स्कीम फेज-3 जैसी पहलों को समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मानवरहित प्रणालियों और अत्याधुनिक निगरानी नेटवर्क के उपयोग पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मछली पकड़ने वाली नौकाओं में नाभमित्र ट्रांसपोंडर लगाने और कोस्टल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम जैसी पहलें तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, ओडिशा पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही मजबूत समुद्री सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा सकती है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
अपने क्षेत्र के समाचार एवं विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें 7647981711, 9303 948 009
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































