नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , वन अनुमति को लेकर धनबादा पावर परियोजना पर उठे सवाल, मामला पहुंचा हाईकोर्ट – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

वन अनुमति को लेकर धनबादा पावर परियोजना पर उठे सवाल, मामला पहुंचा हाईकोर्ट

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

रायगढ़, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- संजय जेठवानी

7.50 मेगावाट लघु जल विद्युत परियोजना पर वन संरक्षण अधिनियम उल्लंघन के आरोप, हाथी प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी चिंता

धरमजयगढ़ ACGN:- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत भालूपखना क्षेत्र में संचालित धनबादा पावर की 7.50 मेगावाट लघु जल विद्युत परियोजना अब कानूनी विवादों में घिर गई है। परियोजना से जुड़े कथित वन संरक्षण अधिनियम 1980 के उल्लंघन के आरोपों को लेकर मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस संबंध में याचिकाकर्ता विवेक कुमार पांडेय द्वारा अधिवक्ता श्रेष्ठ गुप्ता के माध्यम से जनहित याचिका दायर की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि परियोजना से संबंधित कुछ निर्माण एवं विस्तार कार्य आवश्यक वैधानिक अनुमतियों के बिना किए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों में तत्कालीन वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ के पत्राचार का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि वन एवं राजस्व वन भूमि पर गैर वानिकी कार्यों के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी, जबकि मौके पर कार्य होने के संकेत मिले हैं।
याचिका के अनुसार राजस्व वन क्षेत्र के खसरा नंबर 347 और 365 में कार्य किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। वन संरक्षण अधिनियम 1980 की धारा 2 के तहत वन भूमि का गैर वानिकी उपयोग केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना नहीं किया जा सकता। ऐसे में परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों की वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
मामले में परियोजना को लाभ पहुंचाने के लिए 33 केवी विद्युत लाइन विस्तार को लेकर भी आपत्तियां सामने आई हैं। आरोप है कि वन क्षेत्र में विद्युत पोल और केबल विस्तार कार्य को लेकर आवश्यक अनुमति की स्थिति स्पष्ट नहीं है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह वन एवं पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का मामला बन सकता है।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा गया है। अब अगली सुनवाई में शासन के जवाब के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल परियोजना की अनुमति और संचालन को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
धनबादा पावर परियोजना का क्षेत्र हाथी प्रभावित वन क्षेत्र माना जाता है। पूर्व में इस इलाके में विद्युत करंट की चपेट में आने से हाथियों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं, जिसके चलते वन्यजीव सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता बनी हुई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग के 11 केवी पोलों का उपयोग कर निजी परियोजना के लिए 33 केवी केबल लाइन विस्तार किए जाने की चर्चा भी है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो संबंधित विभागों और परियोजना प्रबंधन की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हाईकोर्ट की सुनवाई या जांच में वन संरक्षण अधिनियम, पर्यावरणीय स्वीकृति अथवा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो धनबादा पावर की लघु जल विद्युत परियोजना पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है और गतिविधियों पर रोक जैसी कार्रवाई भी संभव है।

प्रदीप मिश्रा (प्रधान संपादक)
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
अपने क्षेत्र के समाचार एवं विज्ञापन प्रसारित करने हेतु इस नंबर पर भेजें 7647981711 – 9303948009

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now