अपहरण-हत्या मामले में बड़ा मोड़: रिवीजन पिटीशन पर 10 आरोपियों को 15 दिन की न्यायिक रिमांड, भेजे गए जेल
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- सौरभ साहू
पहले जमानत पर छूटे थे आरोपी, प्रतापपुर पुलिस की कानूनी पहल के बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायालय ने आदेश निरस्त कर 20 अगस्त तक भेजा न्यायिक अभिरक्षा में।
सूरजपुर ACGN :- सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित अपहरण और हत्या के मामले में प्रतापपुर पुलिस को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। पहले व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा किए गए 10 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में रिवीजन पिटीशन दाखिल की, जिसे माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर ने स्वीकार करते हुए पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पुनः न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से सभी 10 आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक 15 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार 24 जुलाई 2026 को ग्राम गोंदा निवासी सम्पतिया सूर्यवंशी ने थाना प्रतापपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 जुलाई की रात करीब साढ़े आठ बजे हरिनन्दन राजवाड़े अपने साथियों के साथ उनके घर आया था। कुछ देर बाद ललित राजवाड़े सहित कई लोग मोटरसाइकिलों से पहुंचे और घर में घुसकर हरिनन्दन के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और डंडों से हमला करने के बाद हरिनन्दन को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने साथ ले गए। सूचना मिलने पर डायल-112 को बुलाया गया तथा पीछा करने पर ग्राम भैंसामुड़ा के केंवरा चौक के पास हरिनन्दन गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा मिला। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मामले में थाना प्रतापपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर गठित टीम ने साक्ष्यों, गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण तथा अन्य तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 27 जुलाई 2026 को 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में आरोपियों की शिनाख्त कराई गई। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके आधार पर घटना में प्रयुक्त तीन डंडे और चार मोटरसाइकिल बरामद की गईं।
हालांकि प्रारंभिक सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने न्यायिक रिमांड आवेदन निरस्त करते हुए आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया था। इस आदेश के विरुद्ध प्रतापपुर पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में पुनरीक्षण याचिका दायर की। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर ने पुलिस के तर्कों को स्वीकार करते हुए पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद 6 अगस्त 2026 को आरोपियों को पुनः न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को 20 अगस्त 2026 तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश पारित किया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना जारी रहेगी तथा सभी दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रदीप मिश्रा
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