विकसित छत्तीसगढ़ और बस्तर अंजोर को मिला यूनिसेफ का सहयोग, बच्चों के भविष्य को मिलेगी नई दिशा
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
बाल कल्याण, पोषण, शिक्षा और सामाजिक संरक्षण को लेकर राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ में बच्चों के सर्वांगीण विकास, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य को लेकर राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के बीच महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। नीति भवन नवा रायपुर में हुई इस बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई।

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। बैठक में यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार और सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी मौजूद रहे।

श्री मिश्रा ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य और विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराना विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के तहत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक तैयार किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

बैठक में राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई की भूमिका की भी सराहना की गई। यह इकाई नीति निर्माण और जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही है।
राज्य नीति आयोग द्वारा देश में पहली बार राज्य स्तर पर बाल कल्याण सूचकांक और बाल वंचना सूचकांक विकसित करने की पहल पर भी चर्चा हुई। इससे बच्चों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच का मूल्यांकन किया जा सकेगा और जरूरत के अनुसार नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बैठक में बस्तर अंजोर कार्यक्रम को आदिवासी क्षेत्रों और बच्चों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया। यह कार्यक्रम बस्तर संभाग के सातों जिलों में संचालित होगा और स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा सामाजिक संरक्षण के क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेगा।
यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर अंजोर को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास और विश्वास निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर बताया। यूनिसेफ ने कार्यक्रम में रणनीतिक भागीदारी और तकनीकी सहयोग देने की सहमति भी जताई।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल बजट और नीतियों से नहीं बल्कि समुदाय की भागीदारी और व्यवहार परिवर्तन से भी तय होती है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में जनजागरूकता और विश्वास निर्माण विकास की मजबूत नींव बन सकते हैं।
यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार के साथ रणनीतिक साझेदार के रूप में कार्य कर रहा है और आने वाले समय में बाल विकास, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत किया जाएगा।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने यूनिसेफ टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम है।
प्रदीप मिश्रा
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