गैर-शास्त्रीय रथ यात्रा आयोजन पर जताई नाराज़गी, जगन्नाथ परंपरा की रक्षा के लिए राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
गंजाम, ओड़िशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- अनिल कुमार चौधरी
श्री पुरुषोत्तम जगन्नाथ चेतन फाउंडेशन और वीरभद्र सेना ने परंपरागत रथ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने की उठाई मांग
गंजाम ACGN:- ओड़िशा के गंजाम जिले के ब्रह्मपुर में श्री पुरुषोत्तम जगन्नाथ चेतन फाउंडेशन और उसके युवा संगठन वीरभद्र सेना ने भगवान जगन्नाथ की पारंपरिक रथ यात्रा की पवित्रता और शास्त्रीय परंपराओं की रक्षा को लेकर गंभीर नाराज़गी व्यक्त की है संगठन की ओर से भारत के महामहिम राष्ट्रपति और ओड़िशा के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है यह ज्ञापन ब्रह्मपुर दक्षिणी रेंज के आरडीसी के माध्यम से प्रेषित किया गया है
फाउंडेशन का कहना है कि भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथ यात्रा आषाढ़ मास में शास्त्रों में वर्णित नियमों और परंपराओं के अनुसार ही आयोजित की जाती है और इसका स्पष्ट उल्लेख स्कंध पुराण, ब्रह्म पुराण, पद्म पुराण, बामदेव संहिता तथा नीलाद्री महादय जैसे धार्मिक ग्रंथों में मिलता है संगठन ने आरोप लगाया कि हाल के समय में कुछ संगठनों द्वारा देश और विदेश में गैर-शास्त्रीय समय पर रथ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है जिससे पारंपरिक व्यवस्था और धार्मिक मर्यादा प्रभावित हो रही है
फाउंडेशन ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश, अमेरिका, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और यमन जैसे देशों में ऐसे आयोजनों की जानकारी सामने आई है जिन पर गंभीर आपत्ति जताई गई है संगठन का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से ओड़िया अस्मिता, जगन्नाथ संस्कृति और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है
ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि वह इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप करे और जगन्नाथ संस्कृति की मूल परंपरा एवं पवित्रता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए ताकि शास्त्रीय विधि और धार्मिक मर्यादा का पालन सुनिश्चित किया जा सके
फाउंडेशन की उपाध्यक्ष संजुक्ता दास ने कहा कि जगन्नाथ संस्कृति केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है बल्कि यह ओड़िशा की आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है वहीं संगठन के अध्यक्ष पद्म चरण दास ने कहा कि भगवान जगन्नाथ पूरी दुनिया की आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक हैं इसलिए उनकी परंपरा और रथ यात्रा के शास्त्रीय सिद्धांतों की रक्षा करना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है उन्होंने कहा कि शास्त्रों के विपरीत आयोजन से भक्तों की आस्था प्रभावित होती है और ओड़िया पहचान कमजोर होती है
प्रदीप मिश्रा निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा






