साइबर ठगी के “स्लीपर सेल” पर तारबाहर पुलिस का बड़ा प्रहार, अंबिकापुर से 3 आरोपी गिरफ्तार
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
“म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” के जरिए देशभर में साइबर ठगी का जाल, 60 से अधिक शिकायतों से जुड़े मिले खाते
बिलासपुर जिले की तारबाहर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” से जुड़े तीन आरोपियों को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगों के लिए बैंक खातों की व्यवस्था कर देशभर में ठगी की रकम ट्रांसफर और निकालने का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस ने इसे साइबर अपराध की “स्लीपर सेल” व्यवस्था बताया है, जो संगठित साइबर गिरोहों को मजबूत करने का काम कर रही थी।
पुलिस के अनुसार थाना तारबाहर में दर्ज अपराध क्रमांक 155/2026 के तहत पूर्व में आरोपी दीपेश कुमार गुप्ता को 13 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। आरोपी के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी इनपुट के आधार पर अंबिकापुर निवासी तीन युवकों की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए Navneet Mishra उर्फ विक्की पंडित, Rishabh Sahu तथा Raja Gharani को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आपस में व्हाट्सएप और मोबाइल के माध्यम से विभिन्न लोगों के बैंक खातों की जानकारी साझा करते थे और कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर “म्यूल अकाउंट” नेटवर्क चला रहे थे। प्रारंभिक जांच में इन खातों के खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 60 से अधिक साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज होना पाया गया है। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने, ट्रांसफर करने और निकालने में किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ऐसे म्यूल अकाउंट सिंडिकेट साइबर अपराधियों के लिए “Sleeper Cells” की तरह कार्य करते हैं। इनके जरिए असली साइबर ठगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है और जांच प्रभावित होती है। सामान्य लोगों के बैंक खातों को कमीशन के बदले उपयोग में लेकर करोड़ों रुपये की ठगी रकम को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जप्त किए हैं। मोबाइल फोन का विस्तृत तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही आरोपियों और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और नेटवर्क की गहन जांच जारी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
तारबाहर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड मामलों के बीच पुलिस अब ऐसे नेटवर्क पर विशेष निगरानी रखते हुए जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






