मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी सौगात, धरमजयगढ़ के गंवरघुटरी में बनेगा 100 बिस्तरों का अत्याधुनिक अस्पताल
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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- संजय जेठवानी
वनांचल और आदिवासी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई ताकत, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को सौंपी गई भूमि
रायगढ़ जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम गंवरघुटरी में अब स्वास्थ्य सुविधाओं का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और राज्य शासन की जनहितकारी सोच के तहत यहां 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक बहुउद्देशीय अस्पताल बनाया जाएगा। इस अस्पताल के निर्माण से धरमजयगढ़ सहित आसपास के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों, विशेष रूप से आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम गंवरघुटरी की 2 हेक्टेयर भूमि 30 वर्ष की अस्थायी लीज पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को आबंटित की गई है। इस भूमि पर फाउंडेशन द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को सुशासन तिहार के अंतर्गत रायगढ़ जिले के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर संभाग के जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आबंटन आदेश की प्रति सौंपते हुए कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
गौरतलब है कि वर्तमान में धरमजयगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारी या विशेष उपचार के लिए रायगढ़, बिलासपुर और अन्य बड़े शहरों तक जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को आर्थिक और समय संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को त्वरित उपचार मिल सकेगा। अस्पताल में सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, जांच सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अस्पताल का संचालन गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जाएगा। शासन ने स्पष्ट किया है कि आबंटित भूमि का उपयोग केवल अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित सभी नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
राज्य शासन के इस फैसले का वनांचल क्षेत्र में व्यापक स्वागत हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे न केवल बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी बल्कि क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रदीप मिश्रा
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