बिलासपुर रेंज में साइबर अपराध रोकथाम और विवेचना सुधार पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन
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बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
तकनीकी प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की दक्षता में वृद्धि
बिलासपुर: पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज श्री राम गोपाल गर्ग के निर्देशन में 24 मार्च 2026 को बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए “साइबर अपराधों की रोकथाम एवं विवेचना की गुणवत्ता सुधार” विषय पर रेंज स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन स्थानीय चेतना हाल में किया गया।

कार्यशाला में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर श्री रजनेश सिंह और पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा श्री विजय पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति रही।

महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग ने उद्घाटन सत्र में कहा कि “तकनीक ही भविष्य है, और इसमें दक्षता ही पुलिस को अपराधियों से आगे रख सकती है। आज की तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में, साइबर अपराधों की रोकथाम केवल फील्डवर्क या पारंपरिक विवेचना पर निर्भर नहीं करती, बल्कि नवीन तकनीकों और डिजिटल साक्ष्यों का सही उपयोग ही अपराधियों को पकड़ने का मार्ग है।”

उप पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “साइबर क्राइम आज न केवल वित्तीय नुकसान बल्कि आम जनता का विश्वास भी प्रभावित कर रहा है। इस संदर्भ में डिजिटल साक्ष्यों का सही संकलन, उनका विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के माध्यम से हम न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ा रहे हैं, बल्कि अपराधियों पर प्रभावी दबाव डालने के लिए विवेचना प्रक्रिया को भी आधुनिक बना रहे हैं।”

पुलिस अधीक्षक श्री विजय पाण्डेय ने कहा कि “साइबर अपराध की चुनौतियाँ दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं। हमें पारंपरिक विवेचना और आधुनिक तकनीक का संयोजन कर कानून प्रवर्तन में और तेजी लानी होगी। इस कार्यशाला के माध्यम से हम अपने अधिकारियों को नवीनतम तकनीकों से अवगत करा रहे हैं, ताकि वे डिजिटल माध्यम से अपराधियों का पता लगाने, साक्ष्य जुटाने और जनता के हित में त्वरित कार्रवाई कर सकें।”

तकनीक ही भविष्य है और इसमें दक्षता ही पुलिस को अपराधियों से आगे रख सकती है। उप पुलिस महानिरीक्षक श्री रजनेश सिंह ने अपने संबोधन में आज के परिप्रेक्ष्य में साइबर क्राइम की रोकथाम एवं विवेचना में तकनीक के उपयोग की महत्ता बताई। वहीं, पुलिस अधीक्षक श्री पाण्डेय ने भी विवेचना को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप उन्नत करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला के दौरान कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विषय विशेषज्ञों ने अलग-अलग टॉपिक्स पर ज्ञान साझा किया। जनवरी 2026 में गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी नई SOP के संदर्भ में ठगी और धन वापसी की प्रक्रिया पर श्री गगन कुमार (भा.पु.से.), नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया।
साइबर तकनीकों पर विशेष सत्र में, श्री मयंक मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक रायगढ़ ने नेटग्रिड के उपयोग और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। साइबर फॉरेंसिक पर श्री आरिफ खान (साइबर एक्सपर्ट, दुर्ग) ने सायबर क्राइम और फॉरेंसिक साक्ष्यों के संकलन में तकनीकी बारीकियों को साझा किया। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड और डार्क नेट की जानकारी प्रतिभागियों को दी।
आधुनिक टूल्स और सशक्त एप के सत्र में श्री प्रसाद सिन्हा (साइबर सेल प्रभारी, मुंगेली) और आरक्षक नवीन एक्का ने सीडीआर एनालिसिस, सी-ट्रेस और बिलासपुर रेंज में संचालित सशक्त एप के उपयोग के माध्यम से चोरी या गुम वाहनों की पहचान, इंजन और चेसिस नंबर से अपराधियों का तुरंत पता लगाने और विवेचना में सहयोग प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई।
प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों के लिए शंका समाधान और प्रश्नोत्तर काल रखा गया, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी अपनी विवेचना के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को प्रस्तुत कर सके। इस पर पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग ने साइबर अपराधों की विवेचना में आने वाली समस्याओं के समाधान दिए। ज्ञात हो कि श्री गर्ग स्वयं साइबर और तकनीक के विशेषज्ञ हैं और देश भर में इस दिशा में कई नवाचार उनके द्वारा किए गए हैं।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को नवीनतम साइबर तकनीकों और भारत सरकार के नए दिशा-निर्देशों से अवगत कराना था, ताकि साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सके और आम जनता के पैसे सुरक्षित वापस कराए जा सकें। कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से लगभग 100 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
सफल प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षकों को स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती मधुलिका सिंह (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण बिलासपुर) ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यशाला से साइबर अपराधों की जानकारी और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने साइबर विवेचना में निरंतर सुधार का विश्वास व्यक्त किया और श्री राम गोपाल गर्ग, श्री रजनेश सिंह, श्री विजय पाण्डेय, प्रशिक्षकों और सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस कार्यक्रम का सफल संचालन श्री उमाशंकर पाण्डेय द्वारा किया गया।
कार्यशाला के समापन पर पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक और दक्ष विवेचना का समन्वय ही साइबर अपराधों पर तेज़ और प्रभावी नियंत्रण की कुंजी है, जिससे आम जनता के पैसे और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

प्रदीप मिश्रा
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