स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट अब यूं ही नहीं चलेंगे! हर योजना की बनेगी एसओपी, कमाई से रखरखाव तक तैयार होगा पूरा खाका
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
स्मार्ट सिटी बोर्ड की 20वीं बैठक में परियोजनाओं के दीर्घकालिक उपयोग पर मंथन, नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के साथ राजस्व सृजन और पीपीपी मॉडल पर भी तलाशे जाएंगे विकल्प
बिलासपुर ACGN:- बिलासपुर में स्मार्ट सिटी के तहत तैयार की गई परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव को लेकर अब एक व्यवस्थित रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक परियोजना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि परियोजना का संचालन किस तरह होगा, उसकी देखरेख की जिम्मेदारी किसकी होगी और लंबे समय तक उसका बेहतर इस्तेमाल कैसे सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों द्वारा परियोजनाओं के अधिक उपयोग और उनसे राजस्व सृजन की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 20वीं बैठक में इन विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्रालय से वर्चुअली आयोजित बैठक में श्री बोरा ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के केवल निर्माण तक सीमित न रहने, बल्कि उनके प्रभावी संचालन, रखरखाव और दीर्घकालिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।

प्रोजेक्ट बने रहें उपयोगी, इसके लिए बनेगी स्पष्ट व्यवस्था
बैठक में निर्देश दिए गए कि स्मार्ट सिटी के प्रत्येक प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव के लिए स्पष्ट एसओपी तैयार की जाए। निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजनाओं का संचालन हो और उनकी उपयोगिता लंबे समय तक बनी रहे, इसके लिए जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया जाए।
परियोजनाओं का नागरिकों के लिए अधिक से अधिक उपयोग कैसे बढ़ाया जाए, इस पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही जहां संभव हो वहां परियोजनाओं से राजस्व सृजन की संभावनाओं को तलाशने की बात कही गई। आवश्यकता के अनुसार पीपीपी मॉडल के माध्यम से परियोजनाओं के संचालन और उपयोग को आगे बढ़ाने के विकल्पों पर भी काम करने के निर्देश दिए गए।

निर्माण के बाद संचालन भी बड़ी चुनौती
बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बिलासपुर में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ उनके भविष्य के संचालन से जुड़े विषयों पर भी मंथन हुआ। नागरिक सुविधाओं के विस्तार, नगरीय अधोसंरचना को बेहतर बनाने, परियोजनाओं के रखरखाव और आगे की कार्ययोजना से संबंधित विषय बोर्ड के सामने रखे गए।
बैठक में यह भी सामने आया कि किसी परियोजना की सफलता केवल उसके निर्माण से तय नहीं होती, बल्कि उसके नियमित संचालन, रखरखाव, उपयोगिता और वित्तीय स्थायित्व को भी महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए। इसी दिशा में परियोजनाओं के लिए स्पष्ट व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षित मानव संसाधन पर भी रहेगा जोर
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने परियोजनाओं के बेहतर संचालन के लिए मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से अधिक लोगों को जोड़ने तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं कार्य अनुभव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
परियोजनाओं के संचालन में कौन अधिकारी या कर्मचारी किस जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा, इसे स्पष्ट रूप से निर्धारित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य कार्यों में स्पष्टता लाने और परियोजनाओं के संचालन को अधिक प्रभावी बनाना है।
एजुकेशन हब और जल परियोजनाओं पर भी चर्चा
बोर्ड की बैठक में एजुकेशन हब में अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। उपलब्ध बीएससीएल निधि से प्रस्तावित इस कार्य को संस्थागत स्थायित्व और बेहतर उपयोग की दृष्टि से आगे बढ़ाने के विकल्पों पर विचार किया गया। इसके साथ ही जल संबंधी कार्यों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मंत्रालय से वर्चुअली नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के साथ संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर तथा सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल शामिल हुए।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री भीम सिंह कंवर, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि श्री सुजीत कुमार, बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह, बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री प्रकाश कुमार सर्वे सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य एवं अधिकारी ऑनलाइन बैठक से जुड़े।
स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को लेकर अब फोकस निर्माण से आगे बढ़कर संचालन, उपयोग, रखरखाव और वित्तीय स्थायित्व पर दिखाई दे रहा है। एसओपी, प्रशिक्षण और आवश्यकता के अनुसार पीपीपी मॉडल की व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है, इसका वास्तविक असर परियोजनाओं के धरातल पर संचालन और नागरिकों के उपयोग में दिखाई देगा।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा
















































