गुरु का सम्मान हुआ, मेधावियों को मिला गौरव, बेमेतरा को मिली विकास की दो बड़ी सौगात
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बेमेतरा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
जिला स्तरीय शिक्षक एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह में 81 सेवानिवृत्त शिक्षक और 42 मेधावी विद्यार्थी सम्मानित, गौरव पथ के लिए 2 करोड़ और तिवरिया में नए विद्युत सब-स्टेशन की घोषणा
बेमेतरा ACGN:- शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे मजबूत बुनियाद बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा जरूरी है और इस पूरी यात्रा में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को आकार देने, संस्कार देने और उन्हें सही दिशा दिखाने का काम करते हैं। इसी से समाज और राष्ट्र के भविष्य की नींव तैयार होती है। बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस दौरान जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, पीढ़ियां तैयार करते हैं
मुख्यमंत्री ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत में गुरु के सम्मान की परंपरा सदियों पुरानी है। एक शिक्षक का ज्ञान, अनुभव और संस्कार केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है। यही कारण है कि शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है।
उन्होंने शिक्षा को अज्ञानता के अंधकार को दूर करने वाला प्रकाश बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है। इसके साथ ही आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करती है। जब समाज शिक्षित और संस्कारित नागरिकों से मजबूत होता है, तभी विकास की वास्तविक नींव तैयार होती है।

बदलते दौर में शिक्षा भी बदलनी होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। तक्षशिला और नालंदा जैसे शिक्षा केंद्रों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान हासिल करने आते थे। आज तकनीक तेजी से बदल रही है और शिक्षा का स्वरूप भी बदल रहा है। ऐसे समय में बच्चों को केवल पारंपरिक शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रयास यह है कि संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण छत्तीसगढ़ का कोई बच्चा पीछे न रह जाए।

गांव हो या शहर, हर बच्चे को मिले बराबर मौका
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब हो या संपन्न परिवार और गांव हो या शहर, प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा विकसित करने और अपने सपनों को पूरा करने का समान अवसर मिलना चाहिए। इसी दिशा में राज्य सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की मदद कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं से युवाओं के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल डिग्रीधारी युवा तैयार करना नहीं, बल्कि आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है, जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।

बेमेतरा को 2 करोड़ का गौरव पथ और तिवरिया में बिजली की नई सुविधा
शिक्षक सम्मान समारोह के मंच से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन निर्माण की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर अधोसंरचना से गांव और शहर दोनों के विकास को गति मिलती है तथा लोगों का जीवन सुविधाजनक होता है।

जल संरक्षण में बेहतर काम करने वाले क्षेत्रों का सम्मान
समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के तहत जल संरक्षण और भू-जल स्तर सुधारने की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला और नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी है। जल की हर बूंद बचाना सामूहिक जिम्मेदारी है और जब सरकारी प्रयासों के साथ जनता की भागीदारी जुड़ती है तो बड़े बदलाव संभव होते हैं।
इस अवसर पर प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
सुशासन का मतलब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल देने और तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी कम करना है। सरकार चाहती है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरलता और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

उप मुख्यमंत्री साव ने शिक्षकों को बताया राष्ट्र निर्माता
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान हमेशा सर्वोच्च रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बनाते, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी आकार देते हैं।
उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके ज्ञान और अनुभव को आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण धरोहर बताया।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी : मंत्री बघेल
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति में आत्मविश्वास पैदा करती है और उसे आगे बढ़ने की शक्ति देती है। शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों और मेधावी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
शिक्षकों का सम्मान और मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देता है। वहीं गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन जैसी घोषणाएं बेमेतरा के बुनियादी विकास से जुड़ी हैं। अब इन घोषणाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे और शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अवसर हर बच्चे तक पहुंचें, यही इन प्रयासों की सबसे बड़ी कसौटी होगी।
प्रदीप मिश्रा
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