समय-सीमा टूटी तो कार्रवाई! कलेक्टर की सख्ती से अफसरों में खलबली
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
प्रमाण पत्र से सीमांकन तक लंबित मामलों पर नजर, लोक सेवा गारंटी में देरी हुई तो जिम्मेदारी तय होगी
रायपुर ACGN:- सरकारी दफ्तरों में आम लोगों के काम को बेवजह लंबा खींचने की शिकायतों के बीच रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि लोक सेवा गारंटी से जुड़े मामलों में तय समय-सीमा का पालन हर हाल में करना होगा। समय-सीमा से बाहर जाने वाले प्रकरणों में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने शुक्रवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय-सीमा की फॉलोअप बैठक लेकर जिले में चल रही योजनाओं और विभिन्न शासकीय कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों को भी समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और तैयारियों में किसी तरह की देरी नहीं करने को कहा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रकरणों को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को बुलाकर योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाए और पात्र लोगों के प्रकरणों को जल्द पूरा कराया जाए। इस काम में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की बात कही गई। अभनपुर एसडीएम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कलेक्टर ने अन्य एसडीएम को भी इसी तरह प्रभावी ढंग से काम करने के निर्देश दिए।

आरआरसी वसूली को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्रवाई तेज करने को कहा। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से संबंधित किसी भी प्रकरण को लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए।
जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और राशन कार्ड सहित लोक सेवा गारंटी से जुड़े आवेदनों को लेकर कलेक्टर ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि हर आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण होना चाहिए। खास बात यह रही कि किसी आवेदन को निरस्त करने की स्थिति में आवेदक को निरस्तीकरण का स्पष्ट कारण बताना अनिवार्य किया गया है। इससे आम नागरिकों को अपने आवेदन की स्थिति और अस्वीकृति का वास्तविक कारण जानने का अधिकार मिलेगा।

स्कूली विद्यार्थियों के प्रमाण पत्रों को लेकर भी कलेक्टर ने अलग से व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों के जाति, निवास सहित अन्य जरूरी प्रमाण पत्र बनाने को कहा, ताकि विद्यार्थियों और उनके परिवारों को प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। सीमांकन से जुड़े आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में तिलापिया मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर विकसित करने की कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि यदि योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए तो रायपुर जिला तिलापिया मछली उत्पादन के क्षेत्र में देश में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

शहर की नागरिक सुविधाओं को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने को कहा। सभी जोन में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर करने और खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े काम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी भी जरूरी है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि बैठक में दिए गए इन सख्त निर्देशों का असर सरकारी दफ्तरों के कामकाज में कितना दिखाई देता है और लंबित प्रकरणों के निपटारे की रफ्तार कितनी बढ़ती है। फिलहाल कलेक्टर ने समय-सीमा से जुड़े मामलों में अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया है कि देरी की स्थिति में जवाबदेही से बचना आसान नहीं होगा।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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