नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , पांच शिशु ओरांगउटान मिलने से हड़कंप! मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, पूरे नेटवर्क की जांच के निर्देश – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

पांच शिशु ओरांगउटान मिलने से हड़कंप! मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, पूरे नेटवर्क की जांच के निर्देश

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

ओडिशा, भुवनेश्वर

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजयानंद जी महाराज, ओड़िशा ब्यूरो


बालेश्वर में दुर्लभ वन्यजीवों की बरामदगी को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंभीरता से लिया; पता लगाया जाएगा कि ओरांगउटान ओडिशा कैसे पहुंचे और इनके परिवहन के पीछे कौन लोग या नेटवर्क शामिल हैं


ओडिशा ACGN:- ओडिशा में पांच शिशु ओरांगउटान के बरामद होने की घटना ने वन्यजीव सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की गहन और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह पता लगाने को कहा है कि ये दुर्लभ वन्यजीव किन परिस्थितियों में ओडिशा पहुंचे और इन्हें राज्य में लाने के पीछे क्या उद्देश्य तथा पृष्ठभूमि थी।
मुख्यमंत्री इन दिनों दुबई में सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्त होने के बावजूद ओडिशा में चल रही कार्रवाई की लगातार जानकारी लेते रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पांचों ओरांगउटान के बालेश्वर जिले तक पहुंचने के पूरे रास्ते की जांच की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि वे राज्य में किस माध्यम से दाखिल हुए, उनके परिवहन में कौन-कौन लोग शामिल थे और उन्हें किस उद्देश्य से यहां लाया जा रहा था।


       ओडिशा को ट्रांजिट रूट नहीं बनने दिया जाएगा
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्पष्ट किया कि विदेशी और दुर्लभ वन्यजीवों की अवैध आवाजाही के लिए ओडिशा को किसी भी परिस्थिति में ट्रांजिट मार्ग नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में इन ओरांगउटानों के अवैध परिवहन के पीछे किसी व्यक्ति, गिरोह या नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसकी पहचान कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
             केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) तथा अन्य वन्यजीव और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह भी खंगाला जाएगा कि ओरांगउटान ओडिशा तक किस मार्ग से पहुंचे और इनके पीछे किसी संगठित नेटवर्क या अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है।


     बरामद वन्यजीवों की सुरक्षा और उपचार प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक बरामद पांचों ओरांगउटानों को प्रचलित वन्यजीव संरक्षण प्रोटोकॉल के अनुसार उचित चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाए। दुर्लभ वन्यजीवों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के साथ उनके संरक्षण से जुड़े सभी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पांच शिशु ओरांगउटान का ओडिशा में मिलना अपने आप में गंभीर वन्यजीव संरक्षण का विषय है। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि इन दुर्लभ वन्यजीवों की राज्य तक पहुंच कैसे हुई, इनके परिवहन में कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे किसी बड़े अवैध वन्यजीव नेटवर्क की भूमिका है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित एजेंसियों की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now