रक्षासूत्र के बहाने संस्कृति की हुंकार, धर्मांतरण पर गरजे वक्ता
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय, रायपुर
वनवासी विकास समिति के रक्षाबंधन उत्सव में संस्कृति और शिक्षा की रक्षा का संकल्प, पूर्वोत्तर की छात्राओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

रायपुर ACGN:- रायपुर में वनवासी विकास समिति द्वारा आयोजित रक्षाबंधन उत्सव इस बार केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वनवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंतन का मंच भी बना। शबरी कन्या आश्रम छात्रावास में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यक्षेत्र के क्षेत्रीय संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने धर्मांतरण को लेकर गंभीर चिंता जताई और वनवासी संस्कृति की रक्षा को सामूहिक दायित्व बताया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सक्सेना ने कहा कि एक-दूसरे की मान्यताओं और परंपराओं की रक्षा करना भारत के मूल स्वभाव का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वनवासी समाज की सहज आस्था और परंपराओं के साथ छेड़छाड़ गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मांतरण की आड़ में विदेशी शक्तियों ने वनवासी समाज के विश्वास को प्रभावित कर उसे तोड़ने का प्रयास किया है।

डॉ. सक्सेना ने वनवासी समाज की प्रकृति-पूजक संस्कृति और जीवनशैली को भारत की महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए कहा कि यदि समाज की परंपरागत व्यवस्थाओं और प्रकृति से जुड़े जीवन मूल्यों को संरक्षित नहीं किया गया, तो प्रकृति संरक्षण की कल्पना भी अधूरी रह जाएगी। उन्होंने समाज को वैचारिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने तथा उनकी प्रगति में सहभागी बनने पर जोर दिया।

प्रलोभन से धर्मांतरण पर जताई चिंता
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने भी जनजातीय क्षेत्रों में धर्मांतरण को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विचारधाराओं से जुड़े लोगों द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सुख-सुविधाओं और अन्य प्रलोभनों के माध्यम से धर्मांतरण कराया जा रहा है।

कंवर ने कहा कि वनवासी समाज की परिवार व्यवस्था और प्रकृति पूजा उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि यदि प्रलोभन के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में समाज के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति और सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान किया।

बेटियों की शिक्षा को बताया अनुकरणीय
विशिष्ट अतिथि आदर्शिनी महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मंजुला कंवर ने शबरी कन्या आश्रम की व्यवस्थाओं और वहां रहकर शिक्षा प्राप्त कर रही वनवासी बेटियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ संस्कार देने का प्रयास अनुकरणीय है। उन्होंने आश्रम की छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वनवासी विकास समिति के महानगर अध्यक्ष रवि गोयल ने की।

पूर्वोत्तर की छात्राओं ने बांधा सांस्कृतिक समां
रक्षाबंधन उत्सव की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद शबरी कन्या आश्रम में निवासरत पूर्वोत्तर क्षेत्र की छात्राओं ने समूह गीत और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया। छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इसी अवसर पर आश्रम की छात्राओं द्वारा स्वरचित एवं हस्तलिखित पुस्तक ‘शबरी के बेर’ का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया। छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा और उनके इस प्रयास की उपस्थित लोगों ने सराहना की।

300 से अधिक प्रबुद्ध नागरिकों ने बंधवाया रक्षासूत्र
रक्षाबंधन उत्सव का सबसे भावनात्मक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब आश्रम की जनजातीय बहनों ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों, डॉक्टरों, प्राध्यापकों और प्रबुद्ध नागरिकों को तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। इस दौरान उपस्थित भाइयों ने भी बहनों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन में सहयोग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में श्रीमती माधवी जोशी, सुश्री ललिता मुर्मू, श्री रामनाथ कश्यप, डॉ. अनुराग जैन, राजीव शर्मा, कृष्ण कुमार वैष्णव, दिलीप दास, तिसेन भगत, श्रीमती संगीता चौबे और श्रीमती रेखा देशपांडे सहित रायपुर महानगर के 300 से अधिक गणमान्य नागरिक तथा विभिन्न छात्रावासों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

वंदेमातरम के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्राची भगत ने किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती सिद्धी दलवी ने रखी, जबकि आश्रम का वार्षिक प्रतिवेदन अस्मिता दीदी ने प्रस्तुत किया। अंत में रायपुर महानगर के सचिव श्री प्रवीण अग्रवाल ने सभी अतिथियों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सामूहिक ‘वंदेमातरम’ गान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ बैठकर सहभोज किया।

रायपुर में आयोजित यह रक्षाबंधन उत्सव भाई-बहन के रिश्ते की परंपरागत भावना के साथ-साथ वनवासी समाज की शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक सुरक्षा और स्वावलंबन को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी दे गया।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































