AI के दौर में गुरु की भूमिका सबसे अहम, शिक्षक दिवस पर 63 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
राज्यपाल डेका बोले – AI सहायक बने, नियंत्रक नहीं; मुख्यमंत्री साय ने कहा – शिक्षक हैं नई पीढ़ी के निर्माता
रायपुर, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की।

AI का उपयोग ज्ञान और नवाचार के लिए हो – राज्यपाल
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों को नई तकनीकों से परिचित होना जरूरी है, लेकिन तकनीक का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप उपयोग उससे भी अधिक जरूरी है। उन्होंने कहा कि AI हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों से आज सूचनाओं का विशाल संसार उपलब्ध है, लेकिन तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता स्वतंत्र चिंतन और बौद्धिक विकास को प्रभावित कर सकती है। तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन और जीवन की सही दिशा शिक्षक ही प्रदान कर सकते हैं।

राज्यपाल ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की रुचि और प्रतिभा पहचानने तथा उन्हें सही विषय और करियर चुनने में मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण केवल नौकरी नहीं बल्कि एक महान दायित्व है और शिक्षक अपने ज्ञान के साथ-साथ आचरण से भी विद्यार्थियों को प्रभावित करते हैं।

शिक्षा से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र और नई पीढ़ी के निर्माता हैं। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक बच्चे को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बस्तर में स्थानीय बोली के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। शासकीय विद्यालयों में पैरेंट्स-टीचर मीट के माध्यम से अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। प्रदेश के 341 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के अंतर्गत हुआ है, जबकि स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 विद्यालय प्रारंभ किए जा रहे हैं। बस्तर के ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी और आज के शिक्षक जिस पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं, वही आने वाले समय में प्रदेश और देश का नेतृत्व करेगी।

AI आधारित स्मार्ट स्कूलों से शिक्षा में आएगा नया बदलाव
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों में संस्कार, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने वाली गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों की घोषणा की।
चार शिक्षकों को विशेष राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार
समारोह में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के श्री राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कोरबा जिले के श्री कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार, दुर्ग जिले की श्रीमती प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की श्रीमती प्रियंका गोस्वामी को श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके साथ ही प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक और सहायक शिक्षक एल.बी. संवर्ग के कुल 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक लोक शिक्षण श्री ऋतुराज रघुवंशी, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्री संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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