हिवरे बाजार में बालोद की बेटियों का जलवा, राष्ट्रीय मंच पर गूंजी छत्तीसगढ़ की विकास गाथा
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बालोद, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
पार्वती मंडावी और पिलेश्वरी नेताम ने महिला सशक्तिकरण, स्व-सहायता समूह और कौशल विकास की पहल साझा कर बढ़ाया प्रदेश का मान
बालोद। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में महिला नेतृत्व और पंचायतों के माध्यम से किए जा रहे नवाचारों की गूंज अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंच रही है। महाराष्ट्र के आदर्श ग्राम हिवरे बाजार में 18 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय ‘आनंदी कुटुम्ब समृद्ध ग्राम’ कार्यक्रम में बालोद जिले की दो महिला सरपंचों ने अपने गांवों के विकास और महिला सशक्तिकरण के अनुभव साझा कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।
ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच श्रीमती पार्वती मंडावी और ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम ने राष्ट्रीय मंच पर ग्रामीण विकास, महिला स्वावलंबन और पंचायत नेतृत्व से जुड़े अपने अनुभव प्रस्तुत किए। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिभागियों के बीच दोनों महिला जनप्रतिनिधियों की सहभागिता ने बालोद के साथ छत्तीसगढ़ की ग्रामीण विकास पहलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

राष्ट्रीय मंच पर साझा किए गांव के अनुभव
कार्यक्रम में परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक समृद्धि तथा ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान दोनों सरपंचों ने पद्मश्री पोपटराव पवार तथा आत्मीयता विश्वविद्यालय, राजकोट के चेयरमैन स्वामी त्यागवल्लभ के समक्ष अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने अपने-अपने गांवों में संचालित विकास कार्यों और नवाचारों की जानकारी दी तथा देशभर से आए प्रतिभागियों के सवालों का आत्मविश्वासपूर्वक जवाब दिया।
स्व-सहायता समूहों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच पार्वती मंडावी ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला समूहों द्वारा व्यापक स्तर पर आम के पौधों का रोपण किया जा रहा है। इससे महिलाओं की आजीविका मजबूत होने के साथ पर्यावरण संरक्षण और भविष्य में आय के स्थायी अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
उन्होंने हिवरे बाजार के विकास मॉडल की सराहना करते हुए अपने गांव की महिलाओं को अध्ययन भ्रमण पर लाने की इच्छा भी व्यक्त की, ताकि वहां की सफल पहलों से सीख लेकर उन्हें अपने गांव में लागू किया जा सके।
कौशल विकास से गांव में ही रोजगार की राह
ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच पिलेश्वरी नेताम ने कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और युवतियों को मिल रहे रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि युवाओं को उनकी रुचि और स्थानीय जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण मिलने से वे अपने गांव में ही आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रहे हैं।
इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं और युवाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की इन दोनों महिला सरपंचों की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि सशक्त पंचायत और सशक्त महिला नेतृत्व गांवों की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रदीप मिश्रा
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