मछली पालन में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, बनेगा देश का अग्रणी मत्स्य केंद्र
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
केंद्र के 900 और राज्य के 300 करोड़ से मत्स्य क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार, 34 तिलापिया समूहों का होगा विकास
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब देश के अग्रणी मत्स्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के सचिव श्री अविलक्ष्य लेखी ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक तकनीक, अधोसंरचना, वित्तीय सहायता और निर्यात को बढ़ावा देकर मत्स्य किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के मत्स्य क्षेत्र में करीब 900 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर व्यय एवं स्वीकृति दे चुकी है, जबकि राज्य सरकार भी लगभग 300 करोड़ रुपये के संसाधनों के साथ मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने में जुटी है।

34 तिलापिया समूहों का होगा विकास
श्री लेखी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मत्स्य उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इन्हें बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार प्रदेश में 34 तिलापिया समूह विकसित करेगी। प्रदेश में तिलापिया पालन से जुड़े दो हजार से अधिक किसान पहले ही इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम मत्स्य किसानों को बैंकिंग सुविधाओं तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को बैंकों के साथ बेहतर समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई पात्र किसान योजना से वंचित न रहे।

विदेशी बाजारों तक पहुंची छत्तीसगढ़ की मछली
मत्स्य क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती क्षमता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में उत्पादित मछलियों का निर्यात आयरलैंड और शिकागो सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक हो रहा है। किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए अध्ययन भ्रमण, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना पर भी जोर दिया गया।

मत्स्य बीज में चौथा, मछली उत्पादन में छठा स्थान
कृषि उत्पादन आयुक्त एवं मत्स्य पालन विभाग के सचिव ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश में मत्स्य बीज उत्पादन में चौथे और मछली उत्पादन में छठे स्थान पर पहुंच चुका है। प्रदेश में करीब 2.08 लाख हेक्टेयर जलक्षेत्र में मत्स्य उत्पादन किया जा रहा है।
राज्य में 2021 पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियां, 1662 स्व-सहायता समूह, 123 मत्स्य हैचरियां, 102 मत्स्य बीज उत्पादन फार्म और चार थोक मत्स्य बाजार संचालित हैं।
956.86 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पिछले छह वर्षों में छत्तीसगढ़ के लिए 956.86 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिसमें से 272.37 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
इन योजनाओं के तहत जैव-फ्लॉक, आरएएस, पिंजरा पालन, तालाब निर्माण, जीवित मछली विक्रय केंद्र, शीतगृह, चारा मिल सहित आधुनिक मत्स्य अधोसंरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। कोरबा जिले के बांगो जलाशय में 37.10 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क भी स्थापित किया जा रहा है।
2026-27 में और तेज होगा अभियान
वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने आधुनिक तकनीक के विस्तार, मत्स्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विपणन एवं मूल्य संवर्धन तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित कार्ययोजना तैयार की है। रायपुर, धमतरी और कांकेर जिलों में तिलापिया समूह विकसित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 37,857 लाख रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है।
केंद्रीय सचिव ने अधिकारियों को मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, वित्तीय समावेशन और निर्यात क्षमता मजबूत करने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में नाबार्ड, एमपीईडीए, सीफा सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में मत्स्य किसान और छत्तीसगढ़ राज्य मछुआरा बोर्ड के अध्यक्ष उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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