मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों पर संभागायुक्त सख्त, कहा, कागजी नहीं, गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
गांव-गांव तक पहुंचेगी हेल्पलाइन की जानकारी, ग्राम सभाओं में भी बनेगा स्थायी एजेंडा
रायपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित आवेदनों के निराकरण को लेकर संभागायुक्त श्याम धावड़े ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता पूरी करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ तथ्यात्मक, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रायपुर संभाग के रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में संभागायुक्त ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होना और प्रथम स्तर पर पर्याप्त ध्यान नहीं देना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों के दूसरे और तीसरे स्तर तक पहुंचने की स्थिति को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।
गांव-गांव तक पहुंचेगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जानकारी
संभागायुक्त ने हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार ग्राम स्तर तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में वॉल पेंटिंग, सूचना पट्ट और अन्य माध्यमों से हेल्पलाइन की जानकारी सहज और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि आम नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।
ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ या अशिक्षित नागरिकों की सुविधा के लिए ग्राम स्तर पर सहायता केंद्र, कियोस्क, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और अन्य डिजिटल सेवा केंद्रों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम सचिवों और ग्राम सभाओं को भी जिम्मेदारी
संभागायुक्त ने ग्राम सचिवों के माध्यम से ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने को कहा। आगामी ग्राम सभाओं में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण सीधे अपनी समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था से जुड़ सकें।
सिर्फ शिकायत नहीं, समाधान की सफलता भी जनता तक पहुंचे
बैठक में हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान से जुड़ी सफलता की कहानियों और सकारात्मक परिणामों का नियमित प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया। जिला जनसंपर्क अधिकारियों के माध्यम से ऐसे मामलों को जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने जनसमस्या निवारण शिविर, जनचौपाल, जनदर्शन सहित अन्य जनसंपर्क कार्यक्रमों में भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार करने को कहा।
उन्होंने जिला नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक सप्ताह होने वाली समय-सीमा बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों और दिए गए निर्देशों की नियमित समीक्षा की जाए।
संभागायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जनता की शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था भर नहीं, बल्कि शासन और नागरिकों के बीच जवाबदेही का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए शिकायतों का समय पर, निष्पक्ष और संतोषजनक निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रदीप मिश्रा
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