रात के अंधेरे में रेत-मिट्टी का खेल! सैकड़ों वाहनों से अवैध ढुलाई का आरोप, खनन विभाग में शिकायत
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
गंजाम, ओडिशा
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनिल कुमार चौधरी, गंजाम
आप के जिला युवा अध्यक्ष नीलकंठ रेड्डी ने खनन विभाग के उपनिदेशक से की शिकायत, राजस्व नुकसान और खनिज संसाधनों के दोहन का लगाया आरोप
गंजाम, ACGN:- गंजाम जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कथित रूप से अवैध रेत और मिट्टी की ढुलाई का मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी के गंजाम जिला युवा अध्यक्ष एवं अधिवक्ता नीलकंठ रेड्डी ने इस संबंध में खनन विभाग में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की जांच और अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
नीलकंठ रेड्डी का आरोप है कि जिले के कुछ क्षेत्रों में देर रात से लेकर तड़के सुबह तक बड़ी संख्या में वाहनों के माध्यम से रेत और मिट्टी की ढुलाई की जा रही है। उनके अनुसार, कई स्थानों पर रात करीब 11 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों की आवाजाही देखी जा रही है। स्थानीय वाहन चालकों और युवाओं से मिली जानकारी के बाद वे दो दिन पहले पुकुडीबंध चौक क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने बड़ी संख्या में वाहनों से रेत और मिट्टी की ढुलाई होते देखने का दावा किया।

इस पूरे मामले ने अब खनन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नीलकंठ रेड्डी ने आरोप लगाया कि यदि बिना वैध अनुमति या नियमों का पालन किए खनिज संसाधनों का परिवहन हो रहा है तो इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन की स्थिति भी पैदा हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि यदि ऐसी गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है।
नीलकंठ रेड्डी का कहना है कि रेत और मिट्टी के कथित अवैध कारोबार को लेकर वे पहले भी खनन विभाग के कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने खनिज संसाधनों से संबंधित लेखा-जोखा, अनुमति और जवाबदेही को लेकर खनन विभाग के उपनिदेशक के समक्ष शिकायत रखी है।
उन्होंने मांग की है कि जिले में रेत और मिट्टी के परिवहन से संबंधित सभी वाहनों, अनुमति-पत्रों, खनन क्षेत्रों और परिवहन दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए और सरकारी राजस्व की संभावित क्षति का भी आकलन किया जाए।
शिकायतकर्ता ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्यायालय का रुख करने पर विचार करेंगे। उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधन किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं, बल्कि जनता और सरकार की संपदा हैं, इसलिए इनके दोहन और परिवहन में नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित खनन विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से भी इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब निगाह इस बात पर है कि शिकायत के आधार पर विभाग किस स्तर पर जांच करता है और जांच में रेत-मिट्टी के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों एवं अनुमति की क्या स्थिति सामने आती है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल अवैध परिवहन का मामला नहीं रहेगा, बल्कि खनिज संसाधनों की निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे। फिलहाल शिकायत के बाद मामले की वास्तविक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


