एक महीने से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिर पिंजरे में कैद, वन विभाग की रणनीति से टला बड़ा खतरा
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
गरियाबंद, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
केराबाहरा गांव में रिहायशी क्षेत्र में घूम रहे तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर होगा अगला निर्णय
गरियाबंद ACGN :- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम केराबाहरा (ग्राम पंचायत जोवा) में पिछले एक महीने से ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में सुरक्षित पकड़ लिया गया। वन विभाग की सतर्कता, सुनियोजित रणनीति और त्वरित कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टालने में सफलता मिली। पूरे अभियान के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि न तो तेंदुए को कोई नुकसान पहुंचे और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा प्रभावित हो।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार गरियाबंद वनमंडल की टीम ने लगातार क्षेत्र में निगरानी रखी। वन विभाग के अनुसार तेंदुआ बीते कई दिनों से रिहायशी इलाके, विद्यालय परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में देखा जा रहा था। इसके अलावा उसने कुछ पालतू मवेशियों पर भी हमला किया था, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था।
वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक श्री वरुण जैन तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में ग्राम जोवा और केराबाहरा में केज ट्रैप लगाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात रखा गया था। अभियान के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ से आवश्यक अनुमति एवं दिशा-निर्देश भी प्राप्त किए गए थे।
शनिवार सुबह तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित अपने नियंत्रण में लेते हुए उसके स्वास्थ्य एवं व्यवहार की निगरानी शुरू कर दी। एहतियात के तौर पर मौके पर भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए भी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई।
वन विभाग के अनुसार पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान उसकी शारीरिक स्थिति, किसी संभावित चोट अथवा बीमारी तथा उसे प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें। यदि कहीं वन्यजीव दिखाई दे या उसकी गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम वन अमले को सूचना दें। विभाग ने कहा है कि मानव जीवन और वन्यजीवों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा दोनों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


