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प्रधानमंत्री मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, ‘बस्तर विजन’ सहित राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

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रायपुर, छत्तीसगढ़

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संवाददाता –  अनादि पांडेय

₹10,500 करोड़ की यूरिया परियोजना, 461 गांवों को ग्रिड बिजली, आयुर्वेद संस्थान, बस्तर विकास और ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर केंद्र से सहयोग का आग्रह।

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प तथा राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष बदलते बस्तर का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति के कारण बस्तर आज तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, हवाई संपर्क, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा राज्य सरकार इस विकास को स्थायी स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है तथा आवश्यक राज्य स्तरीय स्वीकृतियां भी पूरी हो चुकी हैं। इस परियोजना से किसानों को उर्वरक की बेहतर उपलब्धता के साथ रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष सहायता का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन गांवों में अभी ऑफ-ग्रिड व्यवस्था से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि स्थायी ग्रिड से जुड़ने पर शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) की स्थापना का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों की समृद्ध औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसी योजनाओं के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, वनाधिकार और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 विद्यालयों को पुनः प्रारंभ किया गया है। साथ ही दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के अंतर्गत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार तथा गीदम मेडिकल कॉलेज सहित नई स्वास्थ्य अधोसंरचना विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क के विस्तार से बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। ₹3,513 करोड़ की लागत वाली जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर कार्य जारी है, जबकि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और इंद्रावती बैराज परियोजना भी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड के रूप में विकसित करने तथा चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयासों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया है।
औद्योगिक विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के बाद राज्य को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान उद्योग और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 10.42 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं तथा अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री ने ₹500 करोड़ के राज्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन, डिजिटल सुशासन, सेवा सेतु पोर्टल, ऑनलाइन सेवाओं, स्वतः नामांतरण, वीडियो केवाईसी आधारित रजिस्ट्री और वित्तीय अनुशासन से जुड़े सुधारों की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में समावेशी विकास की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।

प्रदीप मिश्रा
संपादक, अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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