खनन प्रभावित मेधावी विद्यार्थियों के लिए वरदान बनेगी डीएमएफटी शिक्षा प्रोत्साहन योजना
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में तैयार योजना से आर्थिक अभाव नहीं बनेगा उच्च शिक्षा में बाधा
कोरबा ACGN :- खनन प्रभावित क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) कोरबा द्वारा “स्वामी विवेकानंद जिला खनिज न्यास शिक्षा प्रोत्साहन योजना” तैयार की गई है। कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में तैयार इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनकी उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करना है।
योजना के अंतर्गत खनन प्रभावित क्षेत्रों के पात्र विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर, तकनीकी, व्यावसायिक एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। देश के शासकीय, शासन से संबद्ध तथा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। अमान्य संस्थानों, निजी कोचिंग संस्थानों एवं विदेशी विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी इस योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे।
योजना का लाभ केवल कोरबा जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के मूल निवासी बीपीएल परिवारों के विद्यार्थियों को मिलेगा। पात्रता के लिए पिछली परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना तथा मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित प्रवेश लेना अनिवार्य होगा।
योजना के तहत शिक्षण शुल्क, प्रवेश शुल्क, छात्रावास शुल्क एवं मेस शुल्क का वहन डीएमएफटी द्वारा किया जाएगा। हालांकि लैपटॉप, मोबाइल, पुस्तकें, स्टेशनरी, परिवहन, कोचिंग एवं अन्य व्यक्तिगत खर्च इस योजना में शामिल नहीं होंगे। सहायता राशि सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान एवं अधिकृत छात्रावास के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
योजना में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई विद्यार्थी किसी अन्य शासकीय योजना के तहत समान मद में लाभ प्राप्त कर रहा है, तो उसे दोहरा लाभ नहीं मिलेगा। आंशिक सहायता मिलने की स्थिति में जिला स्तरीय समिति शेष राशि देने पर निर्णय ले सकेगी।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, बीपीएल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, अंकसूची, प्रवेश पत्र, शुल्क विवरण, छात्रावास आवंटन पत्र, बैंक विवरण तथा स्व-घोषणा पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। छात्रवृत्ति के नवीनीकरण के लिए प्रत्येक वर्ष परीक्षा उत्तीर्ण करना, अगले सत्र में प्रवेश लेना, न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखना तथा अनुशासनहीनता से मुक्त रहना आवश्यक होगा।
योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राओं, दिव्यांगजन, अनाथ, एकल अभिभावक वाले विद्यार्थियों तथा आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। गैप ईयर एवं संस्थान परिवर्तन (माइग्रेशन) की स्थिति में भी जिला स्तरीय समिति की अनुमति से लाभ दिए जाने का प्रावधान रखा गया है।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए विद्यार्थियों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा तथा समय-समय पर भौतिक सत्यापन एवं प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। फर्जी दस्तावेज अथवा गलत जानकारी देकर लाभ लेने वालों के विरुद्ध सहायता राशि की वसूली के साथ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला खनिज संस्थान न्यास श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि यह योजना खनन प्रभावित क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे और जिले के सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
प्रदीप मिश्रा
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