युवा कवयित्री निधि कुमारी सिंह की प्रथम कृति ‘क़ैद एहसास’ का भव्य लोकार्पण
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कोलकाता, पश्चिम बंगाल
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- विनोद यादव
बंगीय हिंदी परिषद के सभागार में साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ लोकार्पण, युवा रचनाशीलता की हुई सराहना
कोलकाता ACGN :- महानगर कोलकाता की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था बंगीय हिंदी परिषद के सभागार में युवा कवयित्री निधि कुमारी सिंह की प्रथम काव्य-कृति ‘क़ैद एहसास’ का भव्य एवं गरिमामय लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। शिवोहम पब्लिकेशन हाउस, कोलकाता द्वारा प्रकाशित इस कृति के लोकार्पण अवसर पर साहित्य, संवेदना और रचनात्मकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार दयाशंकर मिश्र ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में चंद्रिका प्रसाद पाण्डेय ‘अनुरागी’ एवं अजय पोद्दार उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता उर्वशी श्रीवास्तव ने पुस्तक की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कहा कि ‘क़ैद एहसास’ युवा मन की संवेदनाओं, भावनाओं और जीवन के विविध अनुभवों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगी।

अध्यक्षीय उद्बोधन में दयाशंकर मिश्र ने कवयित्री निधि कुमारी सिंह के साहित्यिक प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं मुख्य अतिथि चंद्रिका प्रसाद पाण्डेय ‘अनुरागी’ ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए निरंतर साहित्य साधना के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में साहित्यकार राम पुकार (गाजीपुर) ने अपनी विशिष्ट शैली में प्रस्तुत पंक्तियों “ये अब्रे-करम तू इतना न बरस कि हम आ न सके… विमोचन का काम शुरू हो जाए तो इतना बरस कि हम जा न सके।” से उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

वरिष्ठ साहित्यकार ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कृति के साथ-साथ कवयित्री के व्यक्तित्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से निधि सिंह के पिता के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि बेटियों के सपनों को साकार करने में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने शुभकामनाएँ देते हुए कहा
“बहुत दूर के सपने देख, बहुत दूर तक ले जाएंगे।
पंख, हौसला थामे रखना, यही हैं जो मंज़िल तक पहुँचाएंगे।”
कार्यक्रम का सफल संचालन परिषद की उपमंत्री पुष्पा मिश्रा ने किया। संयोजन मनोज मिश्र तथा समूचे आयोजन का प्रबंधन कमल पुरोहित ने संभाला। अंत में साहित्य मंत्री सुषमा राय पटेल ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित साहित्यप्रेमियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

अपने उद्बोधन में कवयित्री निधि कुमारी सिंह ने कहा कि ‘क़ैद एहसास’ केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी गुरुजनों, परिवारजनों, मित्रों और शुभचिंतकों के विश्वास, स्नेह और सहयोग का परिणाम है, जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया।
साहित्यिक गरिमा, आत्मीयता और रचनात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण यह लोकार्पण समारोह उपस्थित साहित्यप्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
प्रदीप मिश्रा
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