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डीडी हॉस्पिटल पर सख्त कार्रवाई के बाद जीपीएम कलेक्टर का तबादला, क्या दोनों घटनाओं का है कोई संबंध? उठ रहे कई सवाल

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रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

निजी अस्पताल पर प्रशासनिक कार्रवाई, मंत्री से हुई बातचीत और अचानक तबादले को लेकर प्रदेश में शुरू हुई चर्चा

रायपुर ACGN:- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) के तत्कालीन कलेक्टर आईएएस संतोष देवांगन का अचानक तबादला प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में डीडी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत के बाद जिला प्रशासन ने जांच कर अस्पताल के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई को जिले में निजी स्वास्थ्य संस्थानों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया।

इसी बीच विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी सामने आई कि अस्पताल पर हुई कार्रवाई की जानकारी कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को दी गई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसे लेकर अलग-अलग तरह के दावे किए गए। हालांकि सरकार की ओर से इस बातचीत या किसी कथित विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कार्रवाई के कुछ ही समय बाद कलेक्टर का तबादला होने से अब कई सवाल उठ रहे हैं। एक वर्ग का मानना है कि यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया हो सकती है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि घटनाक्रम का समय कई तरह की आशंकाओं को जन्म देता है। अब तक सरकार ने तबादले के कारणों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।

प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुसार प्रभावशाली संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई करता है और उसके तुरंत बाद उसका तबादला हो जाता है, तो इससे अन्य अधिकारियों के मनोबल पर असर पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर यह भी तथ्य है कि अधिकारियों का स्थानांतरण सरकार का प्रशासनिक अधिकार होता है और किसी एक घटना से उसका सीधा संबंध तभी माना जा सकता है जब इसकी आधिकारिक पुष्टि हो।

फिलहाल यह पूरा मामला प्रशासनिक पारदर्शिता, अधिकारियों की कार्य स्वतंत्रता और जवाबदेही पर बहस का विषय बन गया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण देती है या नहीं। जब तक आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक कार्रवाई, मंत्री से हुई बातचीत और तबादले को लेकर उठ रहे सवाल सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बने रहेंगे।

प्रदीप मिश्रा

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