नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , विश्व हिन्दी परिषद की अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी में गूंजी हिंदी, नारी शक्ति और विश्व शांति की स्वर-लहरियां – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

विश्व हिन्दी परिषद की अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी में गूंजी हिंदी, नारी शक्ति और विश्व शांति की स्वर-लहरियां

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

लखनऊ/ उत्तरप्रदेश

By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :-

हिंदी भाषा के वैश्विक विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान और विश्व शांति के संदेश से सजा अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक आयोजन

ACGN:- विश्व हिन्दी परिषद के तत्वावधान में 27 जून 2026 शनिवार को रात्रि 8 बजे भारतीय समयानुसार आभासी मंच पर अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। भारत सहित अमेरिका, कनाडा, नीदरलैंड, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कतर सहित कई देशों के साहित्य साधकों ने सहभागिता कर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। गोष्ठी में हिंदी भाषा के वैश्विक स्वरूप, पर्यावरण संरक्षण, नारी शक्ति, स्वाभिमान एवं सम्मान तथा विश्व शांति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कवियों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ अमेरिका से जुड़ीं श्रीमती कादम्बरी शंकर ‘आदेश’ की मधुर सरस्वती वंदना से हुआ। उन्होंने मां के विभिन्न स्वरूपों के महत्व को अपनी रचना के माध्यम से प्रस्तुत किया। नीदरलैंड से डॉ. ऋतु ‘ननन’ पांडे ने पिता के संघर्ष और त्याग को शब्दों में पिरोकर श्रोताओं को भावुक कर दिया।
कनाडा से डॉ. स्नेहा ठाकुर ने नारी शक्ति पर अपनी सशक्त रचना प्रस्तुत करते हुए नारी के महत्व को रेखांकित किया। चीन से डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी ने नारी को समुद्र की लहरों के समान बताया, जो निरंतर आगे बढ़ती रहती है। प्रख्यात साहित्यकार श्री मृदुल कीर्ति ने नारी और धरती की समानता को अपनी कविता में दर्शाते हुए नारी को रत्नगर्भा बताया।
इंदौर से डॉ. अशोक भार्गव ने ‘मेरी अलौकिक भाषा हिन्दी’ शीर्षक कविता के माध्यम से हिंदी की बढ़ती वैश्विक पहचान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी विश्व में निरंतर आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में इसका प्रभाव और अधिक व्यापक होगा।
अमेरिका से विश्व हिन्दी परिषद की मनोनीत अध्यक्ष डॉ. दुर्गा सिन्हा ‘उदार’ ने विश्व शांति विषय पर अपनी बात रखते हुए आत्ममंथन और आत्मचिंतन की आवश्यकता बताई। उन्होंने युद्ध और आतंक से दूर प्रेम, भाईचारे तथा मानवता को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
नागपुर से श्री कृष्ण कुमार द्विवेदी, इटावा से श्री प्रशांत सहित अन्य रचनाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाया। समयाभाव के बावजूद उड़ीसा, कुवैत, महाराष्ट्र, पश्चिमी चंपारण, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गुवाहाटी, मधुबनी, हरियाणा, उत्तराखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े साहित्यकारों ने अपनी सारगर्भित रचनाएं प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्व हिन्दी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने सभी प्रतिभागियों की अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए आगामी आयोजनों की जानकारी दी। उन्होंने विश्वभर में बच्चों को हिंदी भाषा सीखने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय संपर्क समन्वयक डॉ. नन्दकिशोर साह के कुशल संचालन में दो घंटे से अधिक समय तक यह आयोजन उत्साहपूर्वक चला। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया। अंत में विधिवत रूप से कार्यक्रम का समापन किया गया।

प्रदीप मिश्रा (प्रधान संपादक)
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हमारी टीम का हिस्सा बने और अपने क्षेत्र के समाचार और विज्ञापन प्रसारित करने हेतु संपर्क करें 7647981711, 9303948009

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now