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खदान विस्तार की अंधी दौड़ में किसानों की जमीन दफन!

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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- संजय जेठवानी

एडु पंचायत में ओबी डंपिंग से उपजाऊ खेत तबाह, एसईसीएल और ठेका कंपनी की भूमिका पर उठे सवाल

रायगढ़ ACGN:- छाल क्षेत्र में लात खुली खदान के विस्तारीकरण कार्य के बीच किसानों की जमीन और आजीविका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कोयला उत्पादन बढ़ाने की होड़ में नियम-कायदों को ताक पर रखकर ग्रामीणों की निजी कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
मामला एडु पंचायत का है, जहां एसईसीएल एवं उसकी अनुबंधित ठेका कंपनी एस.के.ए. (सुनील कुमार अग्रवाल) पर किसानों की निजी जमीन पर बिना अनुमति भारी मात्रा में ओवरबर्डन (ओबी) मिट्टी डंप करने का आरोप लगा है।
ग्रामीणों के अनुसार किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि पर मिट्टी का इतना बड़ा ढेर खड़ा कर दिया गया है कि अब वहां खेती करना मुश्किल हो गया है। वहीं बारिश के दौरान ओबी डंप से बहकर आने वाली मिट्टी आसपास के खेतों में पहुंच रही है, जिससे फसलों को नुकसान और जमीन की उर्वरा शक्ति प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
किसानों का कहना है कि जिस जमीन से उनका परिवार वर्षों से जीवन यापन करता आया है, वही जमीन अब खदान विस्तार की गतिविधियों से प्रभावित हो रही है।
राजस्व विभाग को दिए जवाब पर भी सवाल
मामले को लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी प्रबंधन द्वारा राजस्व विभाग को ऐसा जवाब दिया गया जिसमें किसानों की भूमि पर मिट्टी गिराए जाने से इनकार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मौके की स्थिति और दस्तावेजों में दिए गए जवाब में अंतर है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
किसानों का यह भी आरोप है कि जब ओबी से मिट्टी बहकर खेतों तक पहुंचने की शिकायत की गई तो जिम्मेदारी लेने के बजाय इसे बारिश के पानी का परिणाम बताया गया। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि डंपिंग व्यवस्था सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से की जाती तो ऐसी स्थिति क्यों बनती।
अब बड़ा सवाल यह है कि खदान विस्तार और उत्पादन के नाम पर यदि किसानों की जमीन और खेती प्रभावित हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई मिलेगी? क्या संबंधित विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा?
ग्रामीणों ने प्रशासन, राजस्व विभाग और खनन विभाग से पूरे मामले की जांच कर प्रभावित किसानों को न्याय और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

प्रदीप मिश्रा
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